अवैध इलाज बना जानलेवा : झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन से 5 वर्षीय बालक की मौत, जांच शुरू
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संवाद 24 संवाददाता। थाना अमृतपुर क्षेत्र के गांव पश्चिमी अमैयापुर में झोलाछाप डॉक्टर के कथित इलाज से एक पांच वर्षीय बालक की मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में लिखित शिकायत दी है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, मृतक बालक हार्दिक को सामान्य सर्दी-जुकाम की शिकायत थी। मंगलवार शाम करीब सात बजे पिता मिथिलेश उसे गांव में ही प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टर बबलू के पास लेकर गए। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना किसी चिकित्सकीय जांच के बच्चे को इंजेक्शन लगा दिया। घर लौटने के कुछ समय बाद ही बालक की हालत बिगड़ने लगी।
परिजन बच्चे को दोबारा डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर करने की सलाह दी गई। आनन-फानन में परिजन बालक को लेकर फर्रुखाबाद पहुंचे, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक कक्षा केजी में एक निजी विद्यालय में पढ़ता था। घटना के बाद मां बबली सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि मामूली बीमारी के इलाज में लापरवाही ने उनके बच्चे की जान ले ली।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित झोलाछाप डॉक्टर लंबे समय से रतनपुर पमारन क्षेत्र में अवैध रूप से क्लिनिक चला रहा था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में कई बार कार्रवाई के प्रयास हुए, लेकिन वह हर बार क्लिनिक बंद कर फरार हो जाता था। घटना के बाद भी क्लिनिक पर ताला लटका मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की जांच की और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।






