रेड क्रॉस दिवस पर सेना का मानवीय चेहरा: राजपूत रेजीमेंट के 12 जवानों ने किया रक्तदान
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अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस एवं रेड क्रिसेंट दिवस के अवसर पर शुक्रवार को फर्रुखाबाद के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में राजपूत रेजीमेंट के 12 सैनिकों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट से पहुंचे जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में योगदान दिया। कार्यक्रम के दौरान कई सैनिक ऐसे भी रहे जिन्होंने चौथी और पांचवीं बार रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
सूबेदार सवाई सिंह के नेतृत्व में पहुंचे सैनिक
रक्तदान शिविर में सैनिकों का नेतृत्व सूबेदार सवाई सिंह ने किया। उनके साथ सूबेदार अशोक कुमार पाठक, हवलदार कविंद्र सिंह, हवलदार मुकेश कुमार, हवलदार भारत, हवलदार विनीत तोमर, सिपाही शक्ति सिंह, मनदीप, गौरव, विकास, जोगेंद्र सिंह, विनीत और अरविंद ने रक्तदान किया। अस्पताल प्रशासन ने सभी सैनिकों का स्वागत करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
“रक्तदान सबसे बड़ा दान”, सैनिकों ने दिया प्रेरक संदेश
सूबेदार सवाई सिंह ने कहा कि भारतीय सेना हमेशा मानव सेवा के लिए तत्पर रहती है और रक्त की आवश्यकता पड़ने पर जवान हर परिस्थिति में आगे आते हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान ऐसा कार्य है जिससे किसी अनजान व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है।
वहीं सूबेदार अशोक कुमार पाठक ने कहा कि रक्तदान सभी दानों में श्रेष्ठ माना जाता है, क्योंकि दानकर्ता को यह नहीं पता होता कि उसका रक्त किस जरूरतमंद की जिंदगी बचाएगा। उन्होंने युवाओं से भी नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की।
क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस दिवस
हर वर्ष 8 मई को अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रॉस दिवस मनाया जाता है। यह दिन रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। रेड क्रॉस संस्था दुनिया भर में युद्ध, प्राकृतिक आपदा और स्वास्थ्य संकट के समय मानवता की सेवा के लिए कार्य करती है। रक्तदान अभियान भी इसी मानवीय सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
सैनिकों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के अंत में लोहिया अस्पताल प्रशासन की ओर से रक्तदान करने वाले सभी सैनिकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अस्पताल अधिकारियों ने कहा कि सेना के जवानों का यह योगदान समाज के लिए प्रेरणादायक है और इससे अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलेगी।






