उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई, सीबीआई की याचिका पर CJI सूर्यकांत करेंगे अगुवाई
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संवाद 24 नई दिल्ली। उन्नाव रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अहम सुनवाई करने जा रहा है। शीर्ष अदालत केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की उस याचिका पर विचार करेगी, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश के पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई के लिए सहमति दी थी।
इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत स्वयं लीड करेंगे। उनकी अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल होंगे। सीबीआई का तर्क है कि गंभीर अपराध में दोषसिद्ध व्यक्ति को सजा निलंबन का लाभ दिया जाना न्याय की भावना के विपरीत है।
इस बीच, सेंगर की सजा निलंबन के फैसले के विरोध में राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं। शनिवार को संसद परिसर के पास कांग्रेस नेता मुमताज पटेल, सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना और अन्य प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी सेंगर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत को रद्द करने की मांग कर रहे थे।
इससे पहले शुक्रवार को उन्नाव रेप पीड़िता की मां ने अखिल भारतीय लोकतांत्रिक महिला संघ की कार्यकर्ताओं और योगिता भयाना के साथ दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया था। पीड़िता की मां ने स्पष्ट कहा था कि वह हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगी और उन्हें शीर्ष अदालत से न्याय मिलने का पूरा विश्वास है।
गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने 2017 के उन्नाव बलात्कार मामले में दोषी ठहराए गए और भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उसकी अपील के निस्तारण तक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। हालांकि अदालत ने कड़ी शर्तें लगाते हुए कहा था कि सेंगर जमानत अवधि के दौरान पीड़िता के घर से पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएगा और न ही पीड़िता या उसकी मां को किसी प्रकार से धमकाएगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में जमानत स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
हालांकि बलात्कार मामले में जमानत मिलने के बावजूद कुलदीप सिंह सेंगर फिलहाल जेल में ही रहेगा, क्योंकि वह पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में 10 वर्ष की सजा काट रहा है, जिसमें उसे अभी तक जमानत नहीं मिली है।






