आगरा में छात्राओं का गुस्सा: बदनाम करने की धमकी देने वाले सहपाठी को सड़क पर पीटा, 7 सेकंड का वीडियो वायरल
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संवाद 24 संवाददाता। उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां कॉलेज की छात्राओं ने अपने ही सहपाठी युवक को सार्वजनिक सड़क पर गिराकर जमकर पीटा। वजह थी युवक का बार-बार छात्रा को बदनाम करने की धमकी देना। यह घटना एत्माद्दौला क्षेत्र के चीनी का रोजा इलाके की बताई जा रही है। पिटाई का मात्र 7 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों का ध्यान खींचा है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो छात्राएं बैग लटकाए सड़क पर एक युवक को गिराकर पीट रही हैं। एक छात्रा गुस्से में चिल्लाते हुए कह रही है, “ये कह रहा है कि लड़की होटल में जाती है… वो किसी से बात नहीं करती!” युवक छात्राओं का सहपाठी बताया जा रहा है, जो कथित तौर पर लंबे समय से एक छात्रा को परेशान कर रहा था। वह उसे बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था।आखिरकार छात्रा का सब्र टूट गया और उसने अपनी सहेलियों के साथ मिलकर युवक को सबक सिखाने का फैसला किया।
यह घटना उस बढ़ते ट्रेंड को दर्शाती है जहां लड़कियां अब छेड़खानी, ब्लैकमेलिंग या मानसिक प्रताड़ना का शिकार होने के बजाय खुद आगे आकर विरोध कर रही हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग छात्राओं के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ इसे कानून हाथ में लेने की मिसाल बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि जब पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो पीड़ितों के पास खुद न्याय करने के सिवा कोई चारा नहीं बचता। वहीं, कुछ ने चेतावनी दी कि हिंसा का जवाब हिंसा से देना सही नहीं है और ऐसे मामलों में कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।
पुलिस का पक्ष: एत्माद्दौला थाने के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। यदि कोई पीड़ित पक्ष शिकायत करता है, तो जांच के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और मानसिक प्रताड़ना के मुद्दे को उजागर करती है। आज के डिजिटल युग में बदनाम करने की धमकी या अफवाहें फैलाना एक गंभीर अपराध है, जो पीड़ित के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि कानूनी कार्रवाई हो सके। साथ ही, शिक्षण संस्थानों में छात्रों को जागरूकता कार्यक्रम चलाने की जरूरत है, जहां सहमति, सम्मान और सीमाओं का महत्व समझाया जाए।
आखिरकार, यह वीडियो एक सबक है – न सिर्फ छेड़खानी करने वालों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी कि चुप्पी तोड़ना जरूरी है, लेकिन तरीका हमेशा कानूनी और शांतिपूर्ण होना चाहिए। उम्मीद है कि इस मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी और दोषी को सजा मिलेगी।






