योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: नए पुल, विश्वविद्यालय, डॉक्टर भर्ती बोर्ड समेत 25 प्रस्तावों को मंजूरी
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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: नए पुल, विश्वविद्यालय, डॉक्टर भर्ती बोर्ड समेत 25 प्रस्तावों को मंजूरीप्रयागराज–भदोही में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, शिक्षा-स्वास्थ्य-आवास और महिला सुविधाओं पर सरकार का फोकस
संवाद 24 लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास से जुड़े 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों में प्रयागराज और भदोही में नए पुलों का निर्माण, मदरसा शिक्षकों के वेतन से जुड़े विधेयक पर निर्णय, नए विश्वविद्यालयों की स्थापना, विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती के लिए अलग बोर्ड का गठन और आवासीय व शहरी विकास से जुड़े कई अहम कदम शामिल हैं।
उच्च शिक्षा को बड़ा विस्तार, तीन नए विश्वविद्यालयों को हरी झंडी
कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के तहत बड़े फैसले लेते हुए भदोही स्थित काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को ‘काशी नरेश विश्वविद्यालय’ के रूप में उन्नत करने को मंजूरी दी है। इसके लिए राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 में संशोधन का प्रस्ताव पास किया गया। साथ ही शाहजहांपुर में मुमुक्षु आश्रम ट्रस्ट की इकाइयों को एकीकृत कर ‘स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय’ की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है।
इसके अलावा गोरखपुर में प्रदेश के पहले ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ की स्थापना को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे वानिकी, पर्यावरण और बागवानी शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
पूर्वांचल के लिए काशी-विंध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण
पूर्वांचल के संतुलित और सुनियोजित विकास के उद्देश्य से काशी-विंध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दी गई है। इसमें वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र शामिल होंगे। करीब दो करोड़ की आबादी वाले इस क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं, रोजगार और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा, वह भी बिना सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा सुधार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती होगी तेज
प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए अब अलग भर्ती बोर्ड बनाया जाएगा। इसके तहत चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग को राज्य लोक सेवा आयोग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे भर्ती प्रक्रिया तेज होगी और मेडिकल कॉलेजों में मानकों को पूरा किया जा सकेगा।
पुरानी अनबिकी संपत्तियों पर 25% तक छूट, आवास सस्ता होगा
विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की वर्षों से अनिस्तारित पड़ी करीब 22,350 संपत्तियों को बेचने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। इन संपत्तियों पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। साथ ही पार्क फेसिंग, कार्नर और चौड़ी सड़क वाली संपत्तियों पर अतिरिक्त शुल्क घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे आम लोगों को सस्ती दरों पर आवास मिलने की उम्मीद है।
कृषि, पोषण और आवास योजनाओं को भी बढ़ावा
कैबिनेट ने पीलीभीत और बाराबंकी में कृषि विभाग के दो फार्म लीज पर देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जहां बीज उत्पादन और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे।
इसके अलावा 43 जिलों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार की आपूर्ति यूपीएसआरएलएम के माध्यम से कराने का फैसला लिया गया है।
आजमगढ़ में नई आवासीय योजना के लिए विकास प्राधिकरण को 100 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल भी स्वीकृत की गई है।
महिलाओं के लिए बड़ी राहत, आठ कामकाजी महिला हॉस्टल बनेंगे
लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में आठ कामकाजी महिला हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए विकास प्राधिकरण एक रुपये वार्षिक लीज रेंट पर जमीन उपलब्ध कराएंगे, जिससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा।
नोएडा में भू-स्वामियों को राहत, अब आसानी से पास होगा नक्शा
नोएडा क्षेत्र में विनिमय के आधार पर भूमि पाने वाले भू-स्वामियों को अब भवन नक्शा पास कराने के लिए अदालत का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। नई नियमावली के तहत अब नोएडा प्राधिकरण ही मानचित्र स्वीकृति करेगा।
योगी कैबिनेट के ये फैसले शिक्षा, स्वास्थ्य, शहरी विकास, महिला सशक्तिकरण और क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में सरकार के व्यापक एजेंडे को दर्शाते हैं, जिससे आने वाले समय में प्रदेश में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।






