यूपी सरकार की नई पहल: घर बैठे मिलेंगी आयुष सेवाएं, बुजुर्गों और महिलाओं को बड़ी राहत
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आईआईटी कानपुर के सहयोग से विकसित होगा विशेष ऐप, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट से लेकर इलाज की जानकारी एक ही मंच पर
संवाद 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी सुविधा देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के सहयोग से आयुष सेवाओं के लिए एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित कर रही है। इस पहल से लोगों को घर बैठे कई सुविधाएं मिल सकेंगी, जिससे खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
प्रस्तावित ऐप के माध्यम से मरीज अपने मोबाइल फोन से डॉक्टर से मिलने के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकेंगे। इसके साथ ही आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी। इससे अस्पतालों और आयुष केंद्रों में ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी कतारों से भी निजात मिलेगी।
आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने बताया कि इस ऐप को विकसित करने को लेकर आईआईटी कानपुर से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि ऐप के शुरू होने के बाद मरीजों को पंजीकरण के लिए अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मोबाइल के जरिए घर बैठे अपॉइंटमेंट मिलने से समय की बचत होगी और अस्पतालों में भीड़ भी कम होगी।
ऐप पर मरीजों को विभिन्न बीमारियों के लिए उपलब्ध आयुष उपचार, दवाओं की जानकारी, नजदीकी आयुष अस्पतालों और डिस्पेंसरी की सूची, संबंधित डॉक्टरों का विवरण और स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी सुझाव भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित आयुष से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी इसी ऐप पर दी जाएगी।
सरकार की योजना है कि ऐप को बेहद सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाए, ताकि आम नागरिक भी आसानी से इसका उपयोग कर सकें और मरीजों का डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। भविष्य में इस प्लेटफॉर्म पर टेली-परामर्श, ऑनलाइन रिपोर्ट और डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड जैसी सुविधाएं जोड़ने की भी तैयारी है।
सरकार का मानना है कि इस डिजिटल पहल से लोगों को घर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह मिल सकेगी और आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति आमजन का भरोसा और अधिक मजबूत होगा।






