कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आजमगढ़ के गांजा तस्कर सरगना पर PIT-NDPS एक्ट का शिकंजा
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संवाद 24 संवाददाता। नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले माफियाओं पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जाजमऊ क्षेत्र में तीन साल पहले पकड़ी गई रिकॉर्ड तोड़ गांजा की खेप के मामले में अब गिरोह के सरगना रामसागर यादव पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने दि प्रिवेंशन ऑफ इलिसिट ट्रैफिक इन नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंसेज (PIT-NDPS) एक्ट के तहत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद सरगना को मादक पदार्थ तस्कर के रूप में सूचीबद्ध किया जाएगा, जिससे उसकी संपत्ति जब्त करने और लंबे समय तक हिरासत में रखने का रास्ता खुलेगा।
यह मामला 22 नवंबर 2022 का है, जब जाजमऊ थाना पुलिस ने बीमा चौराहे के पास सड़क पर क्रेन खड़ी कर एक डंपर और उसके पीछे आ रही फोर्ड इको स्पोर्ट कार को रोका था। तलाशी में डंपर से करीब 18 क्विंटल 30 किलो 120 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी बाजार कीमत लगभग दो करोड़ रुपये आंकी गई थी। पुलिस ने डंपर चालक छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी पुंडलिक और कार सवार आजमगढ़ के संतोष यादव, रामसागर यादव तथा मंगेश यादव को गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला कि यह गांजा छत्तीसगढ़ से लाकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाना था।
डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि रामसागर यादव इस गिरोह का सरगना और पुराना गांजा तस्कर है। उसके खिलाफ पहले भी आजमगढ़ में दो मामले दर्ज हैं वर्ष 2014 में 274 किलो और एक अन्य मामले में 40 किलो गांजे के साथ गिरफ्तारी हुई थी। PIT-NDPS एक्ट मादक पदार्थों के बड़े माफियाओं पर लगाया जाता है, जो बहुत कम मामलों में लागू होता है। इस एक्ट के तहत कार्रवाई से तस्कर की गतिविधियों पर स्थायी रोक लगाई जा सकती है। पुलिस ने चार महीने की मेहनत से दस्तावेज जुटाकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रमुख सचिव स्तर पर स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
यह कार्रवाई नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। PIT-NDPS एक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की तरह सख्त है, जिसके तहत दोषी को लंबे समय तक हिरासत में रखा जा सकता है और उसकी अवैध संपत्ति जब्त की जा सकती है। कानपुर पुलिस की यह मुहिम अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगी, ताकि नशे के सौदागरों का सफाया हो सके।






