कानपुर में मिड-डे मील पर सख्ती: बच्चों को लंच न मिलने पर अफसरों का वेतन रोका, DM की कड़ी फटकार
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर में मध्याह्न भोजन और स्कूल सुविधाओं में लापरवाही सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें कई खामियां उजागर हुईं।
समीक्षा के दौरान बिल्हौर और चौबेपुर ब्लॉक के विद्यालयों में टाइलिंग, मल्टीपल हैंडवॉशिंग यूनिट और टॉयलेट में रनिंग वाटर जैसे कार्यों में बीते चार महीनों से कोई प्रगति नहीं पाई गई। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने दोनों ब्लॉकों के BDO, BEO और ADO पंचायत का दिसंबर माह का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह को विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा न होने और कमजोर पर्यवेक्षण पर स्पष्टीकरण लेने के आदेश भी दिए।
मिड-डे मील में लापरवाही पर नोटिस
मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा में सामने आया कि सदर बाजार क्षेत्र में चार दिनों तक बच्चों को लंच नहीं मिला, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस पर BEO नगर, DC मिड-डे मील और MIS से जुड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। सभी स्कूलों में मिड-डे मील का नियमित वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा, बैठक में आवश्यक डाटा प्रस्तुत न करने पर जिला समन्वयक और DC मिड-डे मील के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बच्चों के आधार कार्ड निर्माण में प्रगति न होने पर MIS प्रभारी को भी नोटिस देने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की फोटो रिपोर्ट अनिवार्य
डीएम ने निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठकों में सभी BDO, BEO और ADO पंचायत अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करें। वहीं, बीते चार महीनों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी उच्च अधिकारियों तक न पहुंचाने पर DC निर्माण को चेतावनी पत्र जारी करने के आदेश दिए गए।
प्रशासन ने साफ किया है कि शिक्षा और बच्चों की बुनियादी सुविधाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।






