कानपुरः पूर्व राज्यमंत्री पर गंभीर आरोप, कारोबारियों को बंधक बनाकर पीटा
Share your love

संवाद 24 संवाददाता। बसपा सरकार में राज्यमंत्री रह चुके सतीश पाल पर बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। इटावा के तीन कारोबारियों ने उन पर 45 लाख रुपये की ठगी करने, रुपये वापस मांगने पर घर बुलाकर बंधक बनाने, लोहे की रॉड-डंडों से बुरी तरह पीटने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ितों का दावा है कि पूरी वारदात पूर्व राज्यमंत्री के छेदी सिंह पुरवा स्थित घर के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
चार साल पुराना विवादित सौदा पीड़ितों में इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी टाइल्स कारोबारी अतुल गुप्ता, इटगांव के कमलेश बाबू और चौगान निवासी मनोज कुमार शामिल हैं। अतुल गुप्ता ने बताया कि करीब चार साल पहले उन्होंने सतीश पाल से कानपुर देहात के झींझक क्षेत्र में करीब छह बीघा जमीन खरीदी थी। रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के बाद उन्होंने 45 लाख रुपये सतीश पाल के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
खरीदारी के कुछ समय बाद पता चला कि जमीन विवादित है और उस पर कई दावेदार हैं। जब उन्होंने सतीश पाल से पैसे वापस मांगे तो पहले टालमटोल की गई। बाद में कहा गया कि “अब हम सत्ताधारी दल में हैं, जल्दी ही विवाद सुलझा देंगे।” लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी न विवाद सुलझा और न पैसे लौटे। रविवार को बुलाया, फिर किया हमला आखिरकार लगातार दबाव बनाने पर रविवार को सतीश पाल ने तीनों कारोबारियों को “पैसे लौटाने हैं” कहकर अपने छेदी सिंह पुरवा वाले घर पर बुलाया।
आरोप है कि जैसे ही तीनों घर के अंदर पहुंचे, सतीश पाल, उनके भतीजे दिनकर पाल, रामनरेश और करीब दस अन्य लोगों ने दरवाजा बंद कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद लोहे की रॉड, डंडों और लात-घूंसों से तीनों को बुरी तरह पीटा गया। पीड़ितों के अनुसार हमला इतना निर्मम था कि उन्हें गंभीर चोटें आईं। उनके मोबाइल फोन भी तोड़ दिए गए ताकि वे मदद के लिए किसी को कॉल न कर सकें। मारपीट के बाद सतीश पाल ने धमकी दी कि अगर दोबारा पैसे मांगने आए तो जान से मार देंगे।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी घटना पीड़ितों का सनसनीखेज दावा है कि सतीश पाल के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में मारपीट की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। उन्होंने पुलिस से इन फुटेज को जब्त करने और जांच में शामिल करने की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा घटना की शिकायत मिलने पर डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी के निर्देश पर तीनों पीड़ितों का मेडिकल कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि होने के बाद कोतवाली थाने में सतीश पाल समेत नामजद व अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 147, 149, 323, 342, 504, 506, 392 व 427 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीसीपी दक्षिण ने बताया, “पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज सहित सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी पूर्व राज्यमंत्री का पक्ष नहीं आया मामले में सतीश पाल का पक्ष जानने के लिए उनसे बार-बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एक तरफ जहां पीड़ित गंभीर चोटों के साथ न्याय की गुहार लगा रहे हैं, वहीं यह मामला राजनीतिक रसूक के दुरुपयोग और आम नागरिकों पर अत्याचार का गंभीर उदाहरण बनता दिख रहा है। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज पर टिकी हैं, जो सच को सामने ला सकती हैं।






