दावों के इतर खुले में विचरण कर रहे अन्ना गोवंश: सड़कों से खेतों तक बढ़ा खतरा, जिम्मेदारों की उदासीनता उजागर
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर देहात के शिवली क्षेत्र में अन्ना गोवंश की समस्या लगातार गंभीर रूप लेती जा रही है। शासन-प्रशासन के दावों और निर्देशों के बावजूद नगर से लेकर गांवों तक आवारा गोवंशों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है। कहीं पंचायत भवनों में, तो कहीं मुख्य सड़कों, बाजारों और खेतों के बीच ये मवेशी खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे किसानों से लेकर आमजन तक सभी परेशान हैं।
गोशालाएं नाकाफी, मैदान में घूम रहे मवेशियों के झुंड मैथा ब्लॉक मुख्यालय से लेकर क्षेत्र के दर्जनों गांवों बैरी, मैंथा, अरशदपुर और बाघपुर में आवारा गोवंशों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। गांवों में बनी गोशालाएं इनकी संख्या के आगे पूरी तरह नाकाफी साबित हो रही हैं। कई गांवों में पंचायत भवनों के आस-पास ही गोवंशों ने डेरा डाल रखा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों पर कार्रवाई दिखा देते हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके उलट है। रोजाना निर्देश जारी किए जाते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जाती।
सड़कों पर बढ़ रहा खतरा, हर दिन बढ़ रही दुर्घटनाओं की आशंका मुख्य मार्गों और व्यस्त सड़कों पर आवारा गोवंशों का बेधड़क विचरण हादसों को दावत दे रहा है। रात के समय तो स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, जब ये मवेशी अचानक सड़क पर आ जाते हैं। कई लोग इससे घायल हो चुके हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं आ सकी है।
फसलों को भारी नुकसान, किसान हताश खेतों में घुसकर ये मवेशी फसलों को चट कर जाते हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कई किसानों ने बताया कि वह रात-रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। आवारा मवेशियों से बचाव करना अब खेती का सबसे कठिन हिस्सा बन गया है।
अधिकारियों की सफाई– एसआईआर कार्यक्रम के बाद होगी कार्रवाईजब इस समस्या पर अधिकारियों से सवाल उठाया गया, तो बीडीओ संजू सिंह ने बताया कि वर्तमान में एसआईआर कार्यक्रम चल रहा है। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद अन्ना गोवंशों को पकड़कर गोशालाओं में रखने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे आश्वासन पहले भी मिल चुके हैं, पर धरातल पर कोई स्थायी समाधान नहीं दिखता।






