कानपुर में रक्षा मंत्री के सामने मेयर और सांसद में ‘झड़प’, मंगल भवन को निजी हाथों में देने के आरोप से उठा विवाद
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संवाद 24।कानपुर
कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में बने मंगल भवन को लेकर शुरू हुआ विवाद रविवार को सड़क से लेकर एयरपोर्ट तक पहुंच गया। उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अचानक अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। इससे पहले एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने पहुंचे सांसद रमेश अवस्थी और महापौर प्रमिला पांडेय के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई। दोनों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए, जिसके बाद रक्षा मंत्री को बीच में हस्तक्षेप करना पड़ा।
विवाद की जड़ में यह आरोप है कि करोड़ों की सरकारी जमीन पर बने मंगल भवन को निजी हाथों में सौंप दिया गया है। यह इमारत 3,184.02 वर्गमीटर (34,272 वर्गफीट) जमीन पर नगर निगम और जेसीआई (JCI) की साझेदारी से बनाई गई है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों के विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों के लिए 11 हजार रुपए शुल्क पर उपलब्ध कराना है।
रक्षा मंत्री के उद्घाटन कार्यक्रम से पहले ही सांसद ने दिशा समिति की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था। उनका कहना था कि नगर निगम की बहुमूल्य जमीन को बिना उचित प्रक्रिया के निजी संस्था को सौंपा गया है। आरोपों के चलते रक्षा मंत्री ने कार्यक्रम में शामिल न होने का निर्णय लिया।
रविवार को जब राजनाथ सिंह कानपुर पहुंचे, तो एयरपोर्ट पर स्वागत के दौरान ही मेयर प्रमिला पांडेय ने सांसद को लेकर नाराजगी व्यक्त की। इस पर सांसद रमेश अवस्थी ने पलटवार किया और दोनों में बहस बढ़ गई। माहौल गर्म होता देख रक्षा मंत्री ने शांति की अपील की, इसके बाद विवाद शांत हुआ। शाम को मंगल भवन का औपचारिक उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया।
मेयर प्रमिला पांडेय ने सफाई देते हुए कहा—
“आज मेरा सपना पूरा हुआ। यह पूरी तरह नगर निगम का प्रोजेक्ट है। किसी निजी व्यक्ति को नहीं सौंपा गया है। JCI सिर्फ सहयोगी संस्था है, भवन का संचालन नगर निगम ही करेगा।”
सांसद रमेश अवस्थी का जवाब—
“मुझे जनता ने चुना है। मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहा हूं। सरकारी जमीन निजी हाथों में देने की शिकायत आई थी, जिसके आधार पर मैंने रक्षामंत्री को जानकारी दी।”

इस विवाद ने नगर निगम और स्थानीय सांसद के बीच टकराव को सार्वजनिक कर दिया है। राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता संतुलन की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।






