कानपुर में अवैध निर्माण हटाने गई केडीए टीम पर हमला: पथराव, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से अभद्रता, कई पर केस दर्ज
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संवाद 24 कानपुर। शहर के दहेली सुजानपुर इलाके में शनिवार को केडीए प्रवर्तन दस्ता अवैध निर्माण ध्वस्त कराने पहुंचा, लेकिन कार्रवाई शुरू होते ही हालात बिगड़ गए। कब्जाधारियों ने टीम पर पथराव कर दिया, जेसीबी मशीन तोड़ डाली और पुलिसकर्मियों से भी दुर्व्यवहार किया। घटना ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।
पथराव से जेसीबी के शीशे टूटे, चालक घायल जानकारी के अनुसार, केडीए जोन-4 (भूमि बैंक) की टीम अवैध कब्जे में चल रहे निर्माण को ध्वस्त करने पहुंची थी। जैसे ही जेसीबी मशीन ने दीवार गिराने की कार्रवाई शुरू की, मौके पर मौजूद लोगों ने अचानक हमला कर दिया।पथराव में जेसीबी के शीशे चकनाचूर हो गए।मशीन की बैटरी उखाड़ ले गए। जेसीबी चालक घायल हो गया, जिसके बाद कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए खेतों की ओर भागे।
नोटिस देने के बाद भी जारी था अवैध कब्जा जोनल प्रभारी अधिकारी डॉ. अर्चना शर्मा के अनुसार क्षेत्र की आराजी संख्या 1696 (3584.15 वर्गमीटर) और आराजी संख्या 1697 (2867.90 वर्गमीटर)पर दो महीने से गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर निर्माण किया जा रहा था।केडीए द्वारा नोटिस देने के बाद भी कब्जाधारियों ने बाउंड्री, गेट, शटर लगाकर यहां स्लैब तक डाल दिया था। कार्रवाई रुकने के बजाय कब्जा बढ़ाया गया।
महिलाओं सहित समूह ने किया हमला केडीए टीम ने बताया कि जैसे ही ध्वस्तीकरण शुरू हुआ, मौके पर मौजूद ममता गुप्ता, रीना गुप्ता, अंकित, राहुल, सनी, सूरज गुप्ता सहित कई लोगों ने गाली-गलौज की और हमला कर दिया। ईंट–पत्थर चलाकर उन्होंने सरकारी मशीनरी को नुकसान पहुंचाया।पुलिस आई तो उनसे भी अभद्रता स्थिति बिगड़ती देख चकेरी थाना क्षेत्रों की पुलिस को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे दरोगा और सिपाही से भी बदसलूकी की गई। इसके बाद चकेरी और सेन पश्चिम पारा थानों की फोर्स पहुंची, तब जाकर हमलावर भागे।
केडीए अधिकारी ने कराई FIR, आगे सख्त कार्रवाई की तैयारी जोनल प्रभारी अधिकारी डॉ. अर्चना शर्मा ने सभी आरोपियों के खिलाफ चकेरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अवैध कब्जा, सरकारी कार्य में बाधा, हमला और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
अवैध निर्माण के खिलाफ KDA की सख्ती कानपुर में अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और विरोध या हमला करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
दहेली सुजानपुर में हुआ यह हमला न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला भी है। केडीए टीम और पुलिस पर हुए इस हमले के बाद अब आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।






