कानपुर में बड़े ड्रग नेटवर्क का खुलासा: टीएचसी और कोकीन के साथ तीन सप्लायर गिरफ्तार
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संवाद 24 कानपुर। हाई सोसायटी में सक्रिय ऑन-डिमांड ड्रग सप्लाई नेटवर्क का चकेरी पुलिस और स्वाट टीम ने बड़ा खुलासा किया है। संयुक्त टीम ने तीन ऐसे सप्लायर्स को गिरफ्तार किया है, जो शहर के पॉश इलाकों में रहने वाले युवाओं, स्टूडेंट्स, महिलाओं और कारोबारियों तक विदेशी नशा पहुंचाते थे।
गिरोह शहर के सुभाष नगर में किराए के फ्लैट से पूरी चेन को ऑपरेट कर रहा था।फिल्मी स्टाइल में चलता था नेटवर्क जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए ऑर्डर लेने और स्कूटी से लो-प्रोफाइल डिलीवरी करने की एक बेहद सुरक्षित पद्धति बना रखी थी।
पुलिस ने उनके पास से बरामद किया:100.38 ग्राम टीएचसी (टेट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल)एक पैकेट कोकीनतीन क्रशर और पैकिंग सामग्री25,000 रुपये कैश स्कूटी व मोबाइल फोन बरामद टीएचसी की कीमत करीब 10 लाख रुपये आँकी गई है। यह यूपी में दूसरी सबसे बड़ी टीएचसी बरामदगी मानी जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी पुलिस ने जिन तीन लोगों को पकड़ा है, वे हैं। कुनाल गुप्ता अर्जुन सिंह उर्फ ट्विंकल मनीष उर्फ मन्नू पुलिस के अनुसार, ये सभी काफी समय से विदेशी नशे की तस्करी से जुड़े थे और शहर के प्रीमियम इलाकों में सक्रिय ग्राहकों को सप्लाई करते थे। एसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि टीएचसी कानपुर तक कैसे पहुँचता था और इसकी सप्लाई चेन कैसे ऑपरेट होती थी, इस पर स्पष्ट जानकारी मिल चुकी है। गैंग लीडर की तलाश जारी है। ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम को एडिशनल सीपी बी. के. सिंह ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
2000–5000 रुपये प्रति ग्राम की मांग, हाई-प्रोफाइल ग्राहक शामिल टीएचसी विदेशी बाजारों में लोकप्रिय एक नशीला पदार्थ है, जिसकी कीमत 2000 से 5000 रुपये प्रति ग्राम तक होती है। कानपुर में यह नशा खासकर उन युवाओं के बीच तेजी से फैल रहा था, जो विदेशों में रहे हैं या हाई सोसायटी से ताल्लुक रखते हैं।
आरोपियों के वॉट्सऐप ग्रुप्स में शहर के कई पॉश इलाकों के ग्राहक शामिल थे, जिनमें काकादेवस्वरूप नगरगोविंद नगरसिविल लाइंसबड़े अपार्टमेंट क्षेत्रपुलिस के अनुसार, टीएचसी का उपयोग खासकर पूल पार्टियों, निजी गेट-टुगेदर और नाइट इवेंट्स में तेजी से बढ़ रहा था।
पुलिस की पड़ताल: विदेश से सप्लाई, शहर में डिमांड पूछताछ में सामने आया है कि यह नशा विदेशों से विभिन्न रास्तों के ज़रिए भारत पहुँचता था और फिर इसे छोटे-छोटे पैकेट्स में बांटकर कानपुर के हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक पहुँचाया जाता था। हालांकि पुलिस ने किसी भी प्रोसेस या तकनीकी जानकारी का खुलासा नहीं किया है, ताकि अवैध गतिविधियों को बढ़ावा न मिले।
ऐसे होता था ‘गुप्त’ डिलीवरी सिस्टम गिरोह का तरीका बेहद सावधानी से डिजाइन किया गया था:ऑर्डर वॉट्सऐप पर लिया जाता ग्राहक अपनी कार का नंबर और लोकेशन भेजता सप्लायर स्कूटी से पहुंचकर कार में पैकेट रख देता कार पहले से अनलॉक छोड़ी जाती कुछ सेकंड में सप्लायर बिना रुके वापस लौट जाता ग्राहक बाद में पैकेट लेकर ऑनलाइन भुगतान करता।
यह सिस्टम उन्हें पुलिस की निगरानी से बचा रहा था। जल्द होगी बड़े नेटवर्क की गिरफ्तारी पुलिस अब उन संपर्कों की जाँच कर रही है, जिनके माध्यम से यह विदेशी नशा कानपुर तक पहुँचता था। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सप्लायर और नेटवर्क के मास्टरमाइंड को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






