
संवाद 24 | नई दिल्ली
दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में 10 नवंबर को हुए आत्मघाती कार हमले से पहले आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद पुलवामा स्थित अपने गांव कोइल गया था। हमले से लगभग दो हफ्ते पहले उसने अपने दो मोबाइल फोन में से एक फोन अपने भाई जहूर इलाही को देते हुए कहा था “अगर मुझसे जुड़ी कोई खबर आए, तो इस फोन को पानी में फेंक देना।”
इसी फोन से वह वीडियो बरामद हुआ है, जिसमें उमर ने आत्मघाती हमले को “शहादत का ऑपरेशन (Martyrdom Operation)” बताया। वह इसमें टूटी-फूटी अंग्रेजी में बोलते हुए कहता है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि “निश्चित समय और निश्चित स्थान पर दी जाने वाली जान” है।
फोन तालाब में फेंका गया था, बाद में बरामद हुआ
जहूर ने सुरक्षा एजेंसियों को बताया कि उमर ने 26 से 29 अक्टूबर के बीच उसे फोन दिया था।
9 नवंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से उमर के साथियों की गिरफ्तारी की खबर आते ही जहूर ने घबराकर फोन पुलवामा के पास स्थित एक तालाब में फेंक दिया। जांच एजेंसियों ने बाद में फोन बरामद कर लिया। पानी में खराब होने के बावजूद एक वीडियो रिकवर किया गया।
NIA ने फोन और अन्य डिजिटल सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं। उमर के दूसरे फोन की आखिरी लोकेशन दिल्ली पाई गई।
10 नवंबर को किया था आत्मघाती धमाका
डॉ. उमर ने 10 नवंबर 2025 को हुंडई i20 कार में विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया था। धमाके में 15 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए। जांच में सामने आया है कि घटनाक्रम से जुड़े अब तक 8 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 5 डॉक्टर शामिल हैं।






