अब 12 की बजाय 7 मीटर चौड़ी सड़कों पर भी स्थापित होंगे प्लाज़ा पार्क: कैबिनेट ने योजना में संशोधन की मंजूरी

Share your love

लखनऊ — राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्लाज़ा पार्क योजना में महत्वपूर्ण संशोधन की स्वीकृति दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब निजी निवेशक 12 मीटर की सड़कों के साथ-साथ सात मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे भी प्लाज़ा पार्क स्थापित कर सकेंगे। यह निर्णय उद्यमों और छोटे-मध्यम उद्योगों के विकास के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

मुख्य बिंदु:

  • पहले जहां प्लाज़ा पार्क केवल 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर ही स्थापित किए जा सकते थे, अब नियमों में संशोधन कर 7 मीटर चौड़ी सड़कों पर भी स्थापना की अनुमति दे दी गई है।
  • 7 मीटर चौड़ी सड़कों पर प्लाज़ा पार्क स्थापित करने की शर्त के रूप में 1.50 मीटर की फुटपाथ अनिवार्य की गई है।
  • 7 मीटर सड़क किनारे स्थापित होने वाले प्लाज़ा पार्कों में केवल प्रदूषणरहित (नॉन-पॉल्यूटिंग) औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की अनुमति होगी; जबकि 12 मीटर चौड़ी सड़कों पर हर प्रकार की औद्योगिक इकाई स्थापित करने की छूट रहेगी।
  • योजना के अंतर्गत प्लाज़ा पार्क तक 2.5 किलोमीटर तक की सड़क निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है। यह सुविधा पार्कों तक सुगम पहुँच सुनिश्चित करेगी।
  • 15 से 50 एकड़ तक की भूमि पर औद्योगिक/प्लाज़ा पार्कों के स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं, ताकि मध्यम एवं लघु उद्योगों के समेकित विकास को बल मिल सके।
  • विकास प्राधिकरणों की सीमाओं में आने वाले प्लाज़ा पार्कों के लिए कुछ शुल्क और विनियम लागू होंगे; वहीं सीमा से बाहर बनने वाले प्लाज़ा पार्कों से कुछ विशेष शुल्क नहीं लिए जाएंगे — यह व्यवस्था निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए की गई है।
  • जिलाधिकारी स्तर पर एक समान नीति बनाकर विकास शुल्क व अन्य नियमन निर्धारित किए जाने का प्रावधान रखा गया है, ताकि निर्णय-प्रक्रिया में पारदर्शिता और समरूपता बनी रहे।
  • निवेशकों को अपनी परियोजना आरम्भ करने पर भूमि के 10 प्रतिशत हिस्से पर औद्योगिक व वाणिज्यिक सुविधाओं का विकास करना होगा — यह शर्त परियोजना के समेकित और दीर्घकालिक फायदे को ध्यान में रखकर लागू की गई है।
  • संबंधित विकास प्राधिकरण व अधिकारी योजना के प्रावधानों के अनुसार प्लाज़ा पार्कों का नामांकन व अनुमोदन करेंगे; आवश्यक अतिरिक्त संशोधनों व तकनीकी शर्तों का पालन अनिवार्य होगा।

यह संशोधन राज्य में औद्योगिक परिसरों की पहुंच और निवेश अनुकूल माहौल बढ़ाने के इरादे से किया गया है। संबंधित विभागों से कहा गया है कि वे निवेशकों को सहूलियत प्रदान करते हुए पर्यावरणीय और नियामकीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।

Samvad 24 Office
Samvad 24 Office

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News