
संवाद 24 नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल की महंगाई और बढ़ते प्रदूषण के बीच ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि टोयोटा इसी महीने अपनी सबसे लोकप्रिय एमपीवी इनोवा का 100 प्रतिशत बायोएथनॉल पर चलने वाला मॉडल लॉन्च करने जा रही है।
जेब पर भारी राहत: ₹25 प्रति लीटर जैसा खर्च
नितिन गडकरी ने ‘पावरिंग द नेक्स्ट माइल’ कार्यक्रम के दौरान बताया कि यह इनोवा किसी भी तरह के पेट्रोल पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि पूरी तरह स्वच्छ बायोएथनॉल (E100) से चलेगी। जहां पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं बायोएथनॉल लगभग ₹75 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध हो सकता है। इस गाड़ी में लगी फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड तकनीक इसे और खास बनाती है। गाड़ी चलते समय अपनी जरूरत की लगभग 60 फीसदी बिजली खुद पैदा करेगी। जब 40 फीसदी बायोएथनॉल और 60 फीसदी खुद पैदा की गई बिजली का औसत निकाला जाता है, तो इस गाड़ी को चलाने का प्रभावी खर्च महज ₹25 प्रति लीटर पेट्रोल के बराबर आएगा। यानी आम आदमी का सफर अब बेहद किफायती हो जाएगा।
किसानों को फायदा, 22 लाख करोड़ के आयात बिल पर लगाम
वर्तमान में भारत अपनी ईंधन जरूरतों के लिए विदेशों पर निर्भर है, जिससे देश का लगभग 22 लाख करोड़ रुपये तेल आयात में खर्च होता है। बायोएथनॉल गन्ने के शीरे, मक्के और अन्य कृषि अवशेषों से तैयार होता है। इस ईंधन के इस्तेमाल से विदेशों में जाने वाला पैसा सीधे देश के किसानों की जेब में जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ताकत मिलेगी। सरकार ने पहले ही केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन कर E100 फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
प्रदूषण से मुक्ति की ओर कदम
देश के कई बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता बेहद चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है। बायोएथनॉल और हाइब्रिड तकनीक से चलने वाले ये वाहन शून्य के करीब प्रदूषण फैलाते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश में बिकने वाली 35 से 40 फीसदी गाड़ियां हरित और वैकल्पिक ईंधन पर आधारित हों, ताकि शहरों की आबोहवा को सुधारा जा सके।






