आधी रात को आग का तांडव: मंगोलपुरी की फैक्ट्री में मची चीख-पुकार, धुएं के गुबार में 4 जिंदगियां खाक!

संवाद 24 नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। शुक्रवार की रात बाहरी दिल्ली के व्यस्त मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त कोहराम मच गया, जब वहां स्थित एक जूता निर्माण फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों और जहरीले काले धुएं ने पूरी इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में 4 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-एक स्थित प्लॉट नंबर बी-293/294 में यह फैक्ट्री संचालित हो रही थी। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे अचानक इमारत से गहरा धुआं और आग की लपटें उठती देखी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में रबर, चमड़ा, फोम और केमिकल आधारित एडहेसिव सामग्री मौजूद थी, जिसने आग को भड़काने में घी का काम किया। कुछ ही मिनटों में आग ने ग्राउंड फ्लोर से लेकर ऊपरी मंजिलों तक को पूरी तरह घेर लिया।

जहरीले धुएं के भंवर में फंसे मजदूर, मची अफरा-तफरी
आग जिस वक्त भड़की, उस समय फैक्ट्री के भीतर काम चल रहा था और कई कर्मचारी अपनी शिफ्ट पूरी करने में जुटे थे। इमारत में अचानक धुआं भर जाने के कारण रोशनी पूरी तरह खत्म हो गई और बाहर निकलने के संकरे रास्ते धुएं के गुबार से बंद हो गए। फैक्ट्री के भीतर मौजूद लोगों को जान बचाने तक का मौका नहीं मिला। दम घोंटू धुएं के कारण भीतर मौजूद मजदूर अचेत होकर वहीं गिर पड़े। बाहर मौजूद आसपास के कारखानों के लोगों ने शोर मचाया और तुरंत दमकल विभाग व दिल्ली पुलिस को घटना की जानकारी दी।

दमकल की 20 गाड़ियों का मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग में हड़कंप मच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए आसपास के फायर स्टेशनों से एक के बाद एक कुल 20 दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें भी राहत कार्य के लिए पहुंच गईं। घनी औद्योगिक बस्ती और तंग गलियों के कारण दमकलकर्मियों को शुरुआत में आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दमकल कर्मियों ने ऑक्सीजन मास्क पहनकर और खिड़कियों के ग्रिल काटकर इमारत के भीतर प्रवेश किया। कई घंटों तक चले जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फैक्ट्री के अंदर से 6 लोगों को बेहद गंभीर और अचेत अवस्था में बाहर निकाला गया।

संजय गांधी अस्पताल में 4 ने तोड़ा दम, दो जिंदगी और मौत के बीच
बचाव दल ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से सभी 6 अचेत लोगों को पास के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में डॉक्टरों ने जांच के बाद 4 व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के मुताबिक, मृतकों के शरीर पर जलने के घावों के अलावा फेफड़ों में अत्यधिक मात्रा में जहरीला धुआं और कार्बन मोनोऑक्साइड भर जाने के कारण दम घुटने से उनकी मौत हुई। बाकी दो झुलसे मजदूरों का सघन चिकित्सा कक्ष (ICU) में इलाज चल रहा है, जहां उनकी स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। मृतकों की शिनाख्त की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और उनके परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है।

सुरक्षा मानकों और एनओसी को लेकर उठ रहे गंभीर सवाल
राजधानी में फैक्ट्रियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग लगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा और फायर सेफ्टी नियमों की पोल खोल कर रख दी है। प्राथमिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से भड़की हो सकती है, हालांकि पुलिस और फॉरेंसिक टीमें आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि क्या फैक्ट्री के पास वैध फायर एनओसी (NOC) थी, आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था थी या नहीं, और क्या सुरक्षा उपकरणों को नियमित रूप से जांचा जा रहा था। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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