
कन्नौज। ठठिया थाना क्षेत्र के उमरन गांव स्थित मुचुआपुर में धार्मिक स्थल को लेकर विवाद सामने आया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कन्नौज कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने पुलिस पर शिकायत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपा।
धार्मिक स्थल की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, गांव में एक धार्मिक स्थल पर शिवलिंग सहित कुछ देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वहां कुछ युवकों द्वारा कथित रूप से शिवलिंग और मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया तथा देवी-देवताओं की तस्वीरों को भी नुकसान पहुंचाया गया।ग्रामीणों का कहना है कि घटना के संबंध में ठठिया थाने में शिकायत की गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने जिला मुख्यालय पहुंचकर अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की।
आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी पर भी लगाए आरोप
कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष बताए जा रहे अजीत सिंह आजाद पर भी गंभीर आरोप लगाए। शानू शुक्ला की अगुवाई में पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनके उकसावे के बाद कुछ युवकों द्वारा कथित घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों से नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
पुलिस ने गांव पहुंचकर दोनों पक्षों से की पूछताछ
मामले को लेकर पुलिस भी सक्रिय हुई है। 16 सितंबर को प्रकाशित स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अधिकारियों ने मुचुआपुर पहुंचकर दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत की और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए बयान दर्ज किए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। ग्रामीणों द्वारा शिवलिंग और बबूल के पेड़ को क्षतिग्रस्त करने के प्रयास का आरोप लगाए जाने का उल्लेख भी रिपोर्ट में है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष कार्रवाई की उठाई मांग
कलक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की। वहीं, पुलिस की ओर से दोनों पक्षों की शिकायतों और मौके पर की गई जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। मामले में प्रशासनिक एवं पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






