
संवाद 24 नई दिल्ली। अगर आप भी अपने पालतू कुत्ते या बिल्ली के साथ ट्रेन से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में पालतू जानवरों (Pets) के सफर को लेकर सख्त और संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब लगेज वैन में मौजूद एक ‘डॉग बॉक्स’ में सिर्फ एक ही कुत्ते को बुक करने की अनुमति होगी। इसका सीधा मकसद लंबी यात्राओं के दौरान पालतू जानवरों के बीच आपसी संघर्ष रोकना और उन्हें सुरक्षित व तनावमुक्त माहौल मुहैया कराना है।
नए नियमों में क्या हुआ बड़ा बदलाव?
पूर्व में लागू व्यवस्था के तहत यदि किसी यात्री के पास एक से अधिक कुत्ते होते थे, तो कई बार उन्हें एक ही डॉग बॉक्स में जंजीर से बांधकर ले जाने की छूट मिल जाती थी। संकरे स्थान के कारण जानवरों के आपस में भिड़ने, चोटिल होने और अत्यधिक तनाव में आने की कई शिकायतें सामने आ रही थीं।
रेलवे बोर्ड के पैसेंजर मार्केटिंग विंग की ओर से सभी जोनों को जारी नए सर्कुलर के अनुसार:
1- अब एक डॉग बॉक्स केवल एक पेट के लिए ही आरक्षित होगा।
2- यदि किसी यात्री के पास दो कुत्ते हैं, तो उन्हें दो अलग-अलग डॉग बॉक्स में स्वतंत्र बुकिंग करानी होगी।
3- बहुत बड़े आकार (Large Breeds) के कुत्तों को सामान्य डॉग बॉक्स में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। उनके लिए विशेष ब्रेक वैन या पार्सल वैन में जगह उपलब्ध कराई जाएगी, जिसका किराया ‘हॉर्स रेट’ (Horse Rate) के आधार पर तय होगा।
कोच में साथ बैठाकर ले जाने की क्या हैं शर्तें?
अक्सर यात्रियों में भ्रम रहता है कि क्या वे स्लीपर या थर्ड एसी में अपने पेट्स को साथ ले जा सकते हैं। रेलवे के नियम इस पर पूरी तरह स्पष्ट हैं:
1- केवल फर्स्ट एसी (1AC) या फर्स्ट क्लास (FC): यात्री अपने कुत्ते या बिल्ली को अपने साथ कोच के अंदर तभी रख सकते हैं, जब उन्होंने 2-बर्थ वाला पूरा कूप (Coupe) या 4-बर्थ वाला पूरा केबिन (Cabin) एक ही PNR पर बुक किया हो।
2- साझा डिब्बों में पूर्ण प्रतिबंध: 2-टियर एसी, 3-टियर एसी, एसी चेयर कार, स्लीपर या जनरल कोच में पालतू जानवरों को साथ लेकर बैठना पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि सह-यात्री आपत्ति जताते हैं, तो टीटीई (TTE) को जानवर को तुरंत लगेज वैन में भेजने का कानूनी अधिकार है।
यात्रा से पहले इन दस्तावेजों का होना अनिवार्य
ट्रेन यात्रा से पहले पेट पैरेंट्स को कुछ अनिवार्य दस्तावेज तैयार रखने होंगे:
1- वेटेरिनरी फिटनेस सर्टिफिकेट: किसी पंजीकृत पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) द्वारा यात्रा से 24 से 48 घंटे पहले जारी किया गया स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, जिसमें जानवर के संक्रामक बीमारियों से मुक्त होने की पुष्टि हो।
2- टीकाकरण कार्ड: एंटी-रेबीज (Anti-Rabies) वैक्सीनेशन का वैध और अपडेटेड रिकॉर्ड।
3- कन्फर्म टिकट व आईडी: यात्री का कन्फर्म टिकट और पहचान पत्र।
बुकिंग की प्रक्रिया और पेनल्टी का प्रावधान
फर्स्ट एसी में कूप बुक होने की स्थिति में चार्ट बनने के बाद आईआरसीटीसी (IRCTC) के ‘Dogs/Cats Booking’ पोर्टल या स्टेशन के पार्सल काउंटर से लगेज शुल्क भरकर रसीद प्राप्त की जा सकती है। वहीं, लगेज वैन के डॉग बॉक्स में यात्रा कराने के लिए ट्रेन छूटने से 3 से 4 घंटे पहले स्टेशन के पार्सल कार्यालय पहुंचकर वजन तुलाई और औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। रेलवे प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है कि बिना उचित बुकिंग या नियमों का उल्लंघन कर पालतू जानवरों को डिब्बे में ले जाने पर यात्री से लगेज दर का छह गुना तक जुर्माना वसूला जा सकता है और जानवर को अगले स्टेशन पर उतारा भी जा सकता है।






