
संवाद 24 जम्मू-कश्मीर। मानसून की सक्रियता के साथ ही मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो उठा है। एक ओर जहां कश्मीर घाटी के शोपियां जिले में अचानक बादल फटने से भारी तबाही और बाढ़ जैसे हालात बन गए, वहीं जम्मू संभाग के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार गिरते मलबे और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए विश्व प्रसिद्ध श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। राज्य के अधिकांश नदी-नाले खतरे के निशान से ऊपर या उसके करीब बह रहे हैं, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
शोपियां के अखनार में फटा बादल: मलबे और पानी का सैलाब
कश्मीर संभाग के शोपियां जिले के अखनार इलाके में अचानक बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की घटना सामने आई। इसके बाद पर्वतीय ढलानों से तेज गति से पानी और कीचड़युक्त मलबा नीचे की बस्तियों की ओर बहने लगा। पानी का बहाव इतना तेज था कि स्थानीय नदी-नालों में अचानक बाढ़ आ गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन खेतों, रास्तों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
ताराकोट मार्ग पर भूस्खलन, माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित
त्रिकूट पर्वत पर जारी तेज बारिश के कारण माता वैष्णो देवी के नए ताराकोट मार्ग पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। पहाड़ों से लगातार पत्थर और मलबा गिरने के खतरे को भांपते हुए श्राइन बोर्ड प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित करने का निर्णय लिया।
यात्रा रोके जाने के समय लगभग 18 हजार श्रद्धालु अपना पंजीकरण कराकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जबकि करीब 5 से 8 हजार श्रद्धालु कटड़ा आधार शिविर में सुरक्षित स्थानों पर रुके हुए हैं। इसके साथ ही कटड़ा से सांझीछत के बीच चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा और बैटरी कार सेवा भी घने कोहरे व तेज बारिश के कारण पूरी तरह ठप हो गई है। श्राइन बोर्ड के अनुसार मौसम की स्थिति की समीक्षा के बाद ही यात्रा को दोबारा सुचारु किया जाएगा।
जम्मू संभाग में नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित
जम्मू शहर समेत ऊधमपुर, कठुआ, रियासी, राजौरी, पुंछ, बनिहाल, रामबन और किश्तवाड़ में लगातार बारिश का दौर जारी है।
कठुआ और बिलावर: कठुआ में भारी बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। महानपुर-बिलावर क्षेत्र में एक विशालकाय चीड़ का पेड़ 33 केवी विद्युत लाइन पर गिर गया, जिससे बड़े इलाके में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वहीं बनी-बसोहली मार्ग भूस्खलन के कारण घंटों बंद रहा, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद खोला गया।
जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग: हाईवे के देवाल और धर्मथल क्षेत्रों में लगातार मलबा गिरने की घटनाएं हो रही हैं। हालांकि, यातायात पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीमें लगातार सड़क साफ कर वाहनों की आवाजाही बनाए रखने में जुटी हैं।
तापमान में भारी गिरावट, मौसम विभाग का अलर्ट
जम्मू संभाग में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से दिन के तापमान में सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। जम्मू में दिन का तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस तक आ गया, जो सामान्य से 5.7 डिग्री कम है। बनिहाल, बटोत और कटड़ा में भी ठंडी हवाओं के साथ मौसम काफी ठंडा हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान जम्मू और कश्मीर के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों और तीर्थयात्रियों को संवेदनशील पहाड़ी ढलानों, उफनती नदियों और नालों के करीब न जाने की सख्त हिदायत दी है।






