
कन्नौज। सावन की शिवभक्ति के बीच जैनपुर गांव में आज श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। गांव से द्वितीय डाक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों शिवभक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भगवान भोलेनाथ के जयकारों के बीच शुरू हुई यह यात्रा धार्मिक आस्था, अनुशासन और सामूहिक भक्ति का संदेश देती नजर आई।
जैनपुर से शुरू हुई यात्रा, बिठूर है गंतव्य
जानकारी के अनुसार, डाक कांवड़ यात्रा जैनपुर गांव से प्रारंभ होकर बिठूर के लिए रवाना हुई है। शिवभक्त पवित्र जल लेकर निर्धारित मार्ग से बिठूर पहुंचेंगे, जहां भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और शिवभक्त शामिल हुए हैं।डाक कांवड़ सामान्य कांवड़ यात्रा से अलग मानी जाती है। इसमें श्रद्धालु जल लेकर निर्धारित गंतव्य तक अपेक्षाकृत तेज गति से पहुंचने का संकल्प लेते हैं और यात्रा के दौरान विशेष अनुशासन का पालन करते हैं। कांवड़ परंपरा में पवित्र जल को शिवलिंग पर अर्पित करना प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है।
‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से भक्तिमय हुआ माहौल
यात्रा के दौरान शिवभक्तों में खासा उत्साह दिखाई दिया। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के साथ कांवड़ यात्रा आगे बढ़ी। सैकड़ों श्रद्धालुओं के एक साथ शामिल होने से गांव का वातावरण पूरी तरह शिवमय नजर आया।कांवड़ यात्रा सावन माह की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है देशभर में शिवभक्त पवित्र नदियों का जल लेकर विभिन्न शिवालयों तक पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। हरिद्वार जिला प्रशासन भी कांवड़ यात्रा को सावन के दौरान आयोजित होने वाली प्रमुख शिवभक्त तीर्थ परंपरा के रूप में दर्ज करता है।
इन शिवभक्तों ने संभाली यात्रा की कमान
द्वितीय डाक कांवड़ यात्रा में रविंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, आकाश राणा, मुकेश बाथम, अभय सिंह समेत बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के साथ यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने का संकल्प लिया।
आस्था के साथ अनुशासन भी जरूरी
डाक कांवड़ को कठिन और अनुशासन वाली कांवड़ यात्रा माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार इसमें समय और निरंतरता का विशेष महत्व रहता है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार डाक कांवड़ में श्रद्धालु जल लेकर लगातार अपने निर्धारित शिवालय की ओर बढ़ते हैं।
बिठूर में जलाभिषेक के साथ पूरा होगा संकल्प
जैनपुर से शुरू हुई इस यात्रा का धार्मिक संकल्प बिठूर पहुंचकर भगवान शिव के जलाभिषेक के साथ पूरा होगा। सैकड़ों शिवभक्तों की सहभागिता ने इस आयोजन को गांव की सामूहिक शिवभक्ति का महत्वपूर्ण अवसर बना दिया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का भाव दिखाई दिया।






