
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 22 अगस्त 2026, शनिवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948 (पराभव)
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – श्रावण (अमांत), श्रावण (पूर्णिमांत)
पक्ष – शुक्ल
तिथि – दशमी अगले दिन (23 अगस्त) प्रातः 02:02 AM तक, तत्पश्चात् एकादशी
वार – शनिवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – ज्येष्ठा दोपहर 02:50 PM तक, तत्पश्चात् मूल
योग – विष्कम्भ (पूर्ण रात्रि)
करण – तैतिल दोपहर 12:50 PM तक, तत्पश्चात् गर अगले दिन (23 अगस्त) प्रातः 02:02 AM तक, तत्पश्चात् वणिज
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:45 AM
सूर्यास्त – 06:43 PM
चन्द्रोदय – दोपहर 02:46 PM
चन्द्रास्त – अगले दिन (23 अगस्त) 00:59 AM
चन्द्र राशि – वृश्चिक दोपहर 02:50 PM तक, तत्पश्चात् धनु
अभिजित मुहूर्त – 11:48 AM से 12:40 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:32 PM से 03:24 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 09:00 AM से 10:37 AM तक
यमगण्ड – 01:51 PM से 03:28 PM तक
गुलिक काल – 05:45 AM से 07:22 AM तक
दुर्मुहूर्त – 05:45 AM से 06:37 AM तक एवं 06:37 AM से 07:29 AM तक
कंटक – 11:48 AM से 12:40 PM तक
कालवेला या अर्द्धयाम – 01:32 PM से 02:24 PM तक
यमघण्ट – 03:15 PM से 04:07 PM तक
गुलिक (दूसरा) – 06:37 AM से 07:29 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 07:22 AM से 09:00 AM तक
लाभ – 09:00 AM से 10:37 AM तक
अमृत – 10:37 AM से 12:14 PM तक
शुभ – 01:51 PM से 03:28 PM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो अदरक या उड़द की दाल खाकर अथवा भगवान शनिदेव का स्मरण कर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
श्रावण शुक्ल दशमी / गंडमूल विचार
आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। आज दोपहर 02:50 PM तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, तत्पश्चात् मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। दोनों नक्षत्र गंडमूल श्रेणी में आते हैं, अतः पूरे दिन गंडमूल का प्रभाव रहेगा। नवजात शिशुओं के नामकरण एवं शुभ संस्कारों के लिए मूल शांति का विचार करना उत्तम रहेगा।
ज्येष्ठा एवं मूल नक्षत्र का प्रभाव
दोपहर 02:50 PM तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी बुध देव हैं। यह नक्षत्र नेतृत्व, सामर्थ्य और प्रशासनिक कार्यों के लिए उत्तम है। इसके बाद केतु के स्वामित्व वाले मूल नक्षत्र का आगमन होगा, जो आध्यात्मिक चिंतन, शोध, नई शुरुआत और गहराई से अध्ययन करने के लिए फलदायी माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज चन्द्रमा दोपहर 02:50 PM पर वृश्चिक राशि से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। दोपहर के बाद धनु राशि में चन्द्रमा का संचरण जातकों में मानसिक तनाव को दूर कर आत्मविश्वास, सकारात्मकता और धार्मिक विचारों में वृद्धि करेगा।

आज का राशिफल – 22 अगस्त 2026 शनिवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक सेहत के प्रति सतर्कता बरतें। दोपहर के बाद चन्द्रमा के नवम भाव में आने से भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, अटके काम पूरे होंगे और धार्मिक यात्रा के योग बनेंगे।
उपाय – शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर तक व्यापार और वैवाहिक जीवन में लाभ रहेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के अष्टम भाव में जाने से वाणी पर नियंत्रण रखें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दोपहर तक शत्रुओं पर आपका प्रभाव बना रहेगा। दोपहर के बाद दाम्पत्य जीवन में सुख-शांति बढ़ेगी और साझेदारी के व्यापार में बड़ा आर्थिक लाभ होगा।
उपाय – पक्षियों को सतनाजा (सात प्रकार का अनाज) डालें।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक विद्यार्थियों और बौद्धिक कार्यों के लिए समय उत्तम है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के षष्ठम भाव में जाने से प्रतिस्पर्धियों पर आपकी विजय होगी और स्वास्थ्य सुधरेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
दोपहर तक घरेलू मामलों में व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है और आपकी बौद्धिक क्षमता से व्यापार में लाभ होगा।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि रहेगी। दोपहर के बाद प्रॉपर्टी, मकान या वाहन से जुड़ा रुका हुआ कार्य पूरा हो सकता है। माता का आशीर्वाद मिलेगा।
उपाय – जरूरतमंदों को काले वस्त्र या चप्पल का दान करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
दोपहर तक आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। दोपहर के बाद आपके सामाजिक दायरे और संपर्क सूत्रों में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – श्री सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से ऊर्जा बनी रहेगी। दोपहर के बाद धन भाव में चन्द्रमा के आने से अटका हुआ धन वापस मिलेगा और बैंक बैलेंस बढ़ेगा।
उपाय – सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दोपहर तक खर्चों पर थोड़ा नियंत्रण रखें। दोपहर 02:50 PM के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा, आत्मविश्वास लौटेगा और नए अवसर मिलेंगे।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक आय के स्रोतों में अच्छी वृद्धि बनी रहेगी। दोपहर के बाद सुदूर यात्रा के योग बन सकते हैं। वित्तीय लेन-देन में पूरी सतर्कता बरतें।
उपाय – ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जप करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दोपहर तक कार्यक्षेत्र और करियर में उन्नति रहेगी। दोपहर के बाद एकादश भाव में चन्द्रमा के आने से बड़ा आर्थिक लाभ होगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय – पीपल के पेड़ के पास चौमुखा दीपक जलाएं।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दोपहर तक भाग्य का साथ मिलेगा। दोपहर के बाद दशम भाव में चन्द्रमा आने से नौकरी और व्यवसाय में पद-प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा। उच्चाधिकारियों की प्रशंसा मिलेगी।
उपाय – श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें या सुनें।
॥ शुभम भवतु ॥

