
तिर्वा, कन्नौज। युवाओं को नशे और बदलती जीवनशैली की कुछ गलत आदतों से दूर रखने के उद्देश्य से शुक्रवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, तिर्वा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशामुक्त और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय की उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी भी इसकी तिर्वा स्थित संस्था की पुष्टि करती है।
विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्त जीवन का संकल्प
विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल जी के आमंत्रण पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से साध्वी दीदी किरण जी, सत्यवीर सिंह जी और रामसिंह जी विद्यालय पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
बोलीं साध्वी दीदी—नशा सिर्फ शराब और धूम्रपान तक सीमित नहीं
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साध्वी दीदी किरण ने कहा कि नशे को केवल धूम्रपान या मद्यपान तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने समझाया कि कोई भी ऐसी आदत, जो व्यक्ति को बार-बार अपनी ओर आकर्षित करे और उसकी निर्भरता बढ़ाती जाए, आगे चलकर व्यसन का रूप ले सकती है।उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी छोटी-छोटी गलत आदतों पर नियंत्रण रखने की सलाह देते हुए कहा कि अनुशासन और आत्मसंयम व्यक्ति की सफलता की राह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल पर भी जताई चिंता
कार्यक्रम में वर्तमान समय में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को भी एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में उठाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि तकनीक का सदुपयोग शिक्षा और विकास के लिए उपयोगी है, लेकिन इसका अनावश्यक एवं अत्यधिक इस्तेमाल समय, एकाग्रता और कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है।छात्रों से तकनीक का आवश्यकता के अनुसार और सकारात्मक उपयोग करने तथा अनावश्यक इस्तेमाल से बचने का आह्वान किया गया।
कलाम और अरुणिमा सिन्हा के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान
साध्वी दीदी ने विद्यार्थियों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तथा पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और सकारात्मक सोच के बल पर युवा कठिन परिस्थितियों को पार करते हुए अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।
10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ से जुड़ा कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ’10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान’ से भी जुड़ा था। अभियान का उद्देश्य बड़ी संख्या में लोगों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाना और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है। ब्रह्माकुमारी संस्था के आधिकारिक कार्यक्रमों में भी ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी उपलब्ध है।हाल के दिनों में देश के विभिन्न विद्यालयों में भी ऐसे नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
प्रधानाचार्य ने जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल जी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्यों का विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को नशामुक्त एवं संस्कारयुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, संस्कारित और नशामुक्त युवा ही सशक्त राष्ट्र की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं।कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि युवाओं को नशे से बचाने के साथ-साथ उन्हें अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मसंयम और तकनीक के संतुलित उपयोग की दिशा में प्रेरित करना आवश्यक है। विद्यार्थियों के बीच आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम को इसी उद्देश्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।






