लाल किले पर 80वें स्वतंत्रता दिवस का ऐतिहासिक क्षण: आजादी के बाद पहली बार गूंजा पूरा ‘वंदे मातरम्’, 150वें वर्ष पर रचा गया नया कीर्तिमान

संवाद 24 नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आज लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर ने एक अभूतपूर्व और अविस्मरणीय इतिहास बनते देखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्वजारोहण के साथ ही देश की आजादी के इतिहास में पहली बार लाल किले के मुख्य समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण बजाया गया। राष्ट्रीय गौरव के इस विशेष क्षण ने उपस्थित जनसमूह और पूरे देश को भाव-विभोर कर दिया। यह ऐतिहासिक पहल इसलिए भी बेहद खास बन गई है क्योंकि इस वर्ष बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित अमर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

21 तोपों की सलामी और आसमान से पुष्पवर्षा
80वें स्वतंत्रता दिवस पर जैसे ही प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा फहराया, 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) ने स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से 21 तोपों की शानदार सलामी दी। इसके तुरंत बाद भारतीय सेना के बैंड ने पूरे ‘वंदे मातरम्’ की ओजस्वी धुन बजाई। इसके पश्चात राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन हुआ। इस गरिमामयी पल के दौरान भारतीय वायु सेना के दो Mi-17 हेलीकॉप्टरों ने आसमान से लाल किले पर गुलाब की पंखुड़ियों की बारिश की। समारोह के उत्साह को दोगुना करते हुए एक हेलीकॉप्टर में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और दूसरे हेलीकॉप्टर में ‘वंदे मातरम्’ लिखा विशेष ध्वज हवा में लहरा रहा था, जिसने प्राचीर के ऊपर का नजारा बेहद मनमोहक और राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण बना दिया।

‘आजादी के बाद पहली बार हुआ यह गौरवशाली पल’
राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक अवसर को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह पहला मौका है जब स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक मंच से लाल किले पर संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ को बजाया गया है। यह उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ हंसते-हंसते मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।

राष्ट्रगान के बराबर कानूनी दर्जा और नया कानून
गौरतलब है कि हाल ही में ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण को राष्ट्रगान के समान कानूनी दर्जा व संरक्षण दिया गया है। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्र के नाम संबोधन की शुरुआत और समापन भी इसी राष्ट्रगीत के साथ किया गया था। हाल ही में राष्ट्रपति द्वारा ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी गई है। नए कानूनी प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर बाधा डालने, व्यवधान उत्पन्न करने या इसका अपमान करने पर जुर्माना, 3 साल तक का कारावास अथवा दोनों सजाओं का कड़ा प्रावधान किया गया है। लाल किले से पूरे राष्ट्रगीत की गूंज ने 80वें स्वतंत्रता दिवस को भारत के राष्ट्रीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया है।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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