
संवाद 24 गुजरात। देश के कई राज्यों में आफत की बारिश और भीषण बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। विशेष रूप से पश्चिमी राज्य गुजरात और पूर्वोत्तर के राज्य असम में कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि लाखों लोगों की जिंदगी संकट में पड़ गई है। गुजरात में पिछले 48 घंटों के दौरान मूसलाधार बारिश और बाढ़ से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 35 लोगों की जान चली गई है, जबकि असम में नदियाँ उफान पर होने से लाखों लोग बेघर हो गए हैं। दोनों राज्यों में प्रशासनिक मशीनरी, एनडीआरएफ (NDRF) और सेना राहत एवं बचाव कार्यों में रात-दिन जुटी हुई हैं।
गुजरात में बारिश का विकराल रूप: नदियाँ-नाले उफान पर
गुजरात के कई जिलों में बीते दो दिनों से हो रही अनवरत बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के इलाके बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जलभराव और जर्जर इमारतों के गिरने, बिजली गिरने तथा पानी के तेज बहाव में बह जाने के कारण अब तक 35 लोगों की अकाल मृत्यु हो चुकी है। वडोदरा, जामनगर, जूनागढ़, राजकोट और देवभूमि द्वारका जैसे जिलों में नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सड़कों पर कई फीट पानी जमा हो जाने के कारण कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य मार्ग पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है। कई निचले इलाकों में पानी घरों की पहली मंजिल तक पहुंच गया है, जिससे लोग अपनी छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
असम में बाढ़ से लाखों प्रभावित, काजीरंगा भी जलमग्न
उधर पूर्वोत्तर भारत के असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। राज्य के 20 से अधिक जिले इस समय बाढ़ की चपेट में हैं। लगभग 5 लाख से अधिक आबादी इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। बाढ़ के पानी ने हज़ारों एकड़ कृषि भूमि और फसलों को जलमग्न कर दिया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक बड़ा हिस्सा भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। इसके कारण दुर्लभ एक सींग वाले गैंडों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन जानवरों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार गश्त कर रहा है।
युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी
दोनों ही राज्यों में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकारों ने राहत कार्यों में पूरी ताकत झोंक दी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और भारतीय सेना के जवानों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। गुजरात और असम में अब तक हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा चुका है। पानी में फंसे लोगों को निकालने के लिए मोटर बोट और हेलिकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। जगह-जगह राहत शिविर बनाए गए हैं जहाँ प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पीने का स्वच्छ पानी और आवश्यक दवाइयों का प्रबंध किया जा रहा है।
प्रशासन की अपील और अलर्ट जारी
मौसम विभाग (IMD) ने गुजरात के कई हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के लिए अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी रखा है। इसी तरह असम के ऊपरी इलाकों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर न निकलें। उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले निचले इलाकों से दूर रहें। राज्य सरकारों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।






