
संवाद 24 उत्तराखंड। नैनीताल जिले के अंतर्गत हल्द्वानी से एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। यहाँ शनिवार की देर रात रफ्तार के जुनून और अनियंत्रित वाहन ने चार हंसते-खेलते परिवारों के चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया। गौलापार-तीनपानी फ्लाईओवर पर रात के समय सड़क किनारे खड़े चार दोस्तों को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार ने अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर के कारण चारों युवकों की जान चली गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सड़क किनारे बातचीत कर रहे थे दोस्त, अचानक आई काल बनकर गाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10:00 बजे गोरापड़ाव हाथीखाल निवासी 17 वर्षीय राहुल राजपूत, गोरापड़ाव निवासी 25 वर्षीय शिवम, बेरीपड़ाव निवासी 20 वर्षीय अंशु आर्य और 18 वर्षीय आदित्य टम्टा आपस में गहरे दोस्त थे। शनिवार की रात ये चारों दोस्त रोज़ाना की तरह खाना खाने के बाद टहलने और ठंडी हवा का लुत्फ उठाने के लिए तीनपानी फ्लाईओवर के ऊपर गए थे। चारों दोस्त फ्लाईओवर के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़े होकर आपस में बातचीत कर ही रहे थे कि तभी बरेली की तरफ से आ रही एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो कार वहां दुर्घटना का कारण बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक उस पर से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो बैठा। जैसे ही कार फ्लाईओवर पर पहुंची, वह अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे इन चारों दोस्तों को रौंदते हुए आगे बढ़ गई। युवकों को अपनी चपेट में लेने के बाद भी गाड़ी की गति कम नहीं हुई और वह फ्लाईओवर के बीच बने कंक्रीट के डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर इतनी भीषण कि क्षतिग्रस्त हो गई गाड़ी
इस दुर्घटना का मंजर इतना भयावह था कि जिसने भी देखा वह दहल उठा। स्कॉर्पियो की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डिवाइडर से टकराने के बाद गाड़ी के आगे और पीछे के हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसके टायर तक उखड़कर सड़क पर दूर जा गिरे। टक्कर लगते ही चारों युवक गंभीर रूप से घायल होकर फ्लाईओवर की पक्की सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना की आवाज सुनकर आसपास से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके की तरफ दौड़े। घटनास्थल पर चारों युवक अचेत और लहूलुहान अवस्था में पड़े थे।
अस्पताल में तोड़ा दम, परिजनों में मचा कोहराम
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इस मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी और एम्बुलेंस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घायल हालत में चारों युवकों को तुरंत नजदीकी सुशीला तिवारी अस्पताल (STH) पहुंचाया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद राहुल राजपूत, शिवम और अंशु आर्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं चौथे दोस्त आदित्य टम्टा की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी, जिसे तुरंत आईसीयू सपोर्ट पर रखा गया। लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद देर रात आदित्य ने भी दम तोड़ दिया। जैसे ही इस दुखद हादसे की खबर मृतकों के परिजनों को मिली, उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रात में ही रोते-बिलखते परिजन अस्पताल पहुंचे। जवान बेटों के शवों को देखकर माता-पिता और भाई-बहनों के करुण क्रंदन से पूरा अस्पताल परिसर गूंज उठा। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि जो बच्चे कुछ देर पहले घर से हंसते हुए निकले थे, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे।
वाहन चालक और मालिक पुलिस की गिरफ्त में
इतने बड़े और संवेदनशील हादसे के बाद हल्द्वानी पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने दुर्घटना का कारण बनी क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो कार को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना के वक्त वाहन चला रहे मुख्य चालक और उसके साथ मौजूद कार मालिक (नैंसी कॉन्वेंट के निदेशक) को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस दोनों आरोपियों को कोतवाली लाकर वैधानिक पूछताछ कर रही है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि क्या दुर्घटना के वक्त चालक किसी प्रकार के नशे के प्रभाव में था या फिर यह हादसा केवल ओवरस्पीडिंग और लापरवाही की वजह से हुआ है। पुलिस ने चारों शवों का पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।






