
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 13 जुलाई 2026, सोमवार
कालगणना
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – वर्षा
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ (अमांत), आषाढ़ (पूर्णिमांत)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्दशी शाम 06:52 तक, तत्पश्चात् अमावस्या
वार – सोमवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – मृगशिरा सुबह 05:42 तक, तत्पश्चात् आर्द्रा अगले दिन (14 जुलाई) प्रातः 02:52 तक, तत्पश्चात् पुनर्वसु
योग – ध्रुव शाम 04:00 बजे तक, तत्पश्चात् व्याघात
करण – विष्टि (भद्रा) सुबह 08:42 तक, तत्पश्चात् शकुन शाम 06:52 तक, तत्पश्चात् चतुष्पाद
सूर्य, काल एवं मुहूर्त
सूर्योदय – 05:25 AM
सूर्यास्त – 07:09 PM
चन्द्रोदय – अगले दिन (14 जुलाई) 04:55 AM
चन्द्रास्त – 06:26 PM
चन्द्र राशि – मिथुन
अभिजित मुहूर्त – 11:49 AM से 12:44 PM तक
विजय मुहूर्त – 02:34 PM से 03:29 PM तक (दुर्मुहूर्त/राहुकाल रहित काल गणनानुसार)
अशुभ काल
राहुकाल – 07:08 AM से 08:51 AM तक
यमगण्ड – 10:34 AM से 12:17 PM तक
गुलिक काल – 02:00 PM से 03:43 PM तक
दुर्मुहूर्त – 12:44 PM से 01:39 PM तक एवं 03:29 PM से 04:24 PM तक
वर्ज्यम् – 08:09 AM से 09:04 AM तक
शुभ चौघड़िया
चर – 02:00 PM से 03:43 PM तक
लाभ – 03:43 PM से 05:26 PM तक
अमृत – 05:26 PM से 07:09 PM तक
शुभ – 08:51 AM से 10:34 AM तक
दिशाशूल एवं यात्रा विचार
दिशाशूल – पूर्व
यात्रा उपाय – सोमवार को पूर्व दिशा की यात्रा टालें। यदि अनिवार्य हो, तो दर्पण देखकर, दूध पीकर या फूल सूंघकर प्रस्थान करें।
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
सोमवती अमावस्या (रात्रि प्रारंभ) व भद्रा समाप्ति
आज चतुर्दशी तिथि शाम 06:52 पर समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद आषाढ़ कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि प्रारंभ होगी। सोमवार को अमावस्या का संयोग होने से यह ‘सोमवती अमावस्या’ के रूप में मनाई जाएगी, जिसका धार्मिक महत्व (विशेषकर स्नान-दान और पितृ तर्पण के लिए) अत्यंत उच्च है।
आर्द्रा नक्षत्र का प्रभाव
सुबह 05:42 के बाद पूरे दिन आर्द्रा नक्षत्र रहेगा, जिसके स्वामी राहु देव और अधिपति देव भगवान रुद्र (शिव) हैं। यह नक्षत्र तीव्र मानसिक शक्ति, अनुसंधान और संशयों को दूर कर नए संकल्पों को दृढ़ करने के लिए विशेष माना जाता है।
विशेष ज्योतिषीय विश्लेषण
आज सुबह 08:42 तक भद्रा (विष्टि करण) का साया रहेगा, अतः इस अवधि में कोई भी शुभ या नया काम करने से बचें। चंद्रमा पूरे दिन बौद्धिक राशि मिथुन में संचार करेंगे, जो तार्किक क्षमता, संचार कौशल और व्यावसायिक बातचीत के लिए एक अनुकूल परिस्थिति का निर्माण करेगा।

आज का राशिफल – 13 जुलाई 2026 सोमवार
मेष (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
चंद्रमा का तृतीय भाव में गोचर आपके पराक्रम और साहस में वृद्धि करेगा। छोटे भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। किसी छोटी लेकिन लाभकारी व्यावसायिक यात्रा पर जाने के योग बन रहे हैं।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें।
वृषभ (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
वाणी में सौम्यता बनी रहेगी, जिससे अटके हुए धन की प्राप्ति सुगम होगी। पैतृक संपत्ति के मामलों में सकारात्मक प्रगति होगी। परिवार में किसी उत्सव या शुभ चर्चा का माहौल रहेगा।
उपाय – सोमवार के दिन सफेद चंदन का तिलक मस्तक पर लगाएं।
मिथुन (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
चंद्रमा आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं। मानसिक रूप से आप काफी सक्रिय और ऊर्जावान महसूस करेंगे। आपके निर्णय लेने की क्षमता की कार्यक्षेत्र में सराहना होगी।
उपाय – भगवान शिव को अक्षत (साबुत चावल) चढ़ाएं।
कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज खर्चों पर थोड़ा अंकुश लगाने की आवश्यकता है। अनावश्यक भागदौड़ से शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। कोई भी बड़ा निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह अवश्य लें।
उपाय – ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जप करें।
सिंह (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन बेहद लाभकारी है। पुराने किए गए निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है। मित्रों और वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग आपके काम बनाएगा।
उपाय – शिव चालीसा का पाठ करें।
कन्या (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
कार्यक्षेत्र और करियर के मामलों में आज शानदार सफलता मिलेगी। आपकी कार्यशैली से अधिकारी वर्ग प्रभावित होगा। नई नौकरी या पदोन्नति की दिशा में चल रहे प्रयास सफल होंगे।
उपाय – माता पार्वती को सफेद फूल अर्पित करें।
तुला (रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
भाग्य आज आपका पूरा साथ देगा। धार्मिक या आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और किसी तीर्थ यात्रा की योजना बन सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अच्छे अवसर मिलेंगे।
उपाय – शिव मंदिर में शुद्ध घी का दीपक जलाएं।
वृश्चिक (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
दिन का पूर्वार्ध थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें और वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। शाम के बाद स्थितियां धीरे-धीरे आपके नियंत्रण में आने लगेंगी।
उपाय – महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जप करें।
धनु (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। व्यापार में नई साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं, जो भविष्य में फायदेमंद साबित होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं।
उपाय – किसी जरूरतमंद को सफेद अन्न (जैसे चावल या चीनी) दान करें।
मकर (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
प्रतिद्वंद्वी और गुप्त शत्रु आपके सामने टिक नहीं पाएंगे। कोर्ट-कचहरी या विवादित मामलों में राहत मिलने की संभावना है। काम के सिलसिले में दिन थोड़ा व्यस्त रहेगा।
उपाय – शिवलिंग पर जल में थोड़े काले तिल मिलाकर अर्पित करें।
कुंभ (गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
बुद्धि और विवेक से आप कठिन कार्यों को भी आसानी से सुलझा लेंगे। संतान पक्ष से कोई शुभ समाचार मिल सकता है। प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी और मन प्रसन्न रहेगा।
उपाय – शिव परिवार की आरती करें।
मीन (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी के उत्तम योग बन रहे हैं। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा और पारिवारिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सामान्य दिन रहेगा।
उपाय – शिव जी को मिश्री और पंचामृत का भोग लगाएं।
॥ शुभम भवतु ॥

