
संवाद 24 डेस्क। भारत की पारंपरिक रसोई अपनी विविधता और स्वाद के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। दक्षिण भारत के अनेक व्यंजनों ने न केवल देश बल्कि विदेशों में भी अपनी विशेष पहचान बनाई है। इन्हीं प्रसिद्ध व्यंजनों में से एक है इडियप्पम, जिसे “स्ट्रिंग हॉपर” (String Hoppers) भी कहा जाता है। यह एक हल्का, पौष्टिक, स्वादिष्ट और आसानी से पचने वाला भोजन है। इडियप्पम मुख्य रूप से चावल के आटे से तैयार किया जाता है और इसे भाप में पकाया जाता है, जिससे इसमें अतिरिक्त तेल या घी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और श्रीलंका में यह व्यंजन नाश्ते और रात्रि भोजन के रूप में अत्यधिक लोकप्रिय है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे मीठे और नमकीन दोनों प्रकार के व्यंजनों के साथ परोसा जा सकता है। नारियल का दूध, सब्ज़ियों की स्टू, सांभर, चिकन करी, एग करी या नारियल-चीनी के मिश्रण के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।
इडियप्पम क्या है?
इडियप्पम चावल के आटे से बनाया जाने वाला एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन है। गर्म पानी से चावल के आटे का मुलायम आटा तैयार किया जाता है, जिसे विशेष इडियप्पम प्रेस या सेवई मशीन से पतले-पतले धागों के रूप में निकालकर भाप में पकाया जाता है।
यह व्यंजन ग्लूटेन-फ्री होने के कारण उन लोगों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है जो गेहूं से परहेज़ करते हैं।
इडियप्पम बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
मुख्य सामग्री
- चावल का आटा – 2 कप
- पानी – लगभग 2 से 2½ कप
- नमक – 1 छोटा चम्मच
- नारियल का तेल या घी – 1 छोटा चम्मच
- कद्दूकस किया हुआ ताज़ा नारियल – ½ कप (वैकल्पिक)
आवश्यक उपकरण
- इडियप्पम प्रेस या सेवई मशीन
- इडली स्टीमर या स्टीमर
- इडली प्लेट या स्टीमिंग ट्रे
- बड़ा बर्तन
- लकड़ी का चम्मच
- छलनी
सही चावल का आटा कैसे चुनें?
स्वादिष्ट इडियप्पम बनाने के लिए अच्छी गुणवत्ता वाला बारीक चावल का आटा सबसे महत्वपूर्ण होता है।
ध्यान रखें—
- आटा ताज़ा होना चाहिए।
- बारीक पिसा हुआ होना चाहिए।
- यदि संभव हो तो हल्का भुना हुआ चावल का आटा उपयोग करें।
- घर का बना चावल का आटा सर्वोत्तम माना जाता है।
इडियप्पम बनाने की तैयारी
सबसे पहले पानी को उबाल लें। उसमें नमक और थोड़ा सा तेल मिला दें।
एक बड़े बर्तन में चावल का आटा रखें।
अब उबलता हुआ पानी धीरे-धीरे डालते हुए लकड़ी के चम्मच से मिलाएं।
जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तब हाथों से मुलायम आटा गूंध लें।
ध्यान रखें—
- आटा बहुत कड़ा न हो।
- बहुत पतला भी न हो।
- चिकना और बिना दरार वाला होना चाहिए।
इडियप्पम बनाने की विधि
चरण 1 – स्टीमर तैयार करें
स्टीमर में पानी भरकर पहले से गर्म कर लें।
इडली प्लेट पर हल्का तेल लगा दें।
यदि चाहें तो थोड़ा नारियल भी बिछा सकते हैं।
चरण 2 – प्रेस में आटा भरें
इडियप्पम प्रेस में तैयार आटा भर दें।
अब गोल-गोल घुमाते हुए इडली प्लेट पर पतले धागों के रूप में निकालें।
ध्यान रखें कि धागे बहुत मोटे न हों।
चरण 3 – नारियल डाले
यदि पसंद हो तो ऊपर थोड़ा कद्दूकस किया हुआ नारियल छिड़क दें
चरण 4 – भाप में पकाएं
सभी प्लेटों को स्टीमर में रखें।
लगभग 8 से 10 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं।
जब इडियप्पम पूरी तरह पक जाए तो गैस बंद कर दें।
चरण 5 – परोसें
इडियप्पम को धीरे से प्लेट से निकालें।
गरमा-गरम अपनी पसंदीदा करी या नारियल के दूध के साथ परोसें।
मुलायम इडियप्पम बनाने के महत्वपूर्ण सुझाव
- हमेशा गर्म पानी का उपयोग करें।
- आटा सूखने न दें।
- गूंधने के तुरंत बाद प्रेस करें।
- बहुत देर तक भाप में न पकाएं।
- प्रेस के छेद साफ रखें।
- स्टीमर पहले से गर्म होना चाहिए।
- आटा एकसार होना चाहिए।
- आवश्यकता पड़ने पर थोड़ा गर्म पानी मिलाकर नरम करें।
इडियप्पम के साथ परोसे जाने वाले लोकप्रिय व्यंजन
- नारियल का दूध
सबसे पारंपरिक संयोजन। - वेजिटेबल स्टू
हल्की नारियल आधारित सब्ज़ी। - चिकन करी
केरल शैली की मसालेदार करी। - एग करी
स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प। - सांभर
दक्षिण भारतीय भोजन का लोकप्रिय साथी। - नारियल और गुड़
मीठा स्वाद पसंद करने वालों के लिए। - चीनी और घी
बच्चों का पसंदीदा विकल्प।
पोषण संबंधी जानकारी (लगभग)
100 ग्राम इडियप्पम में
- ऊर्जा – लगभग 150–180 कैलोरी
- कार्बोहाइड्रेट – 35–38 ग्राम
- प्रोटीन – 3–4 ग्राम
- वसा – 1 ग्राम से कम
- फाइबर – 1–2 ग्राम
- सोडियम – नमक के अनुसार
इडियप्पम के स्वास्थ्य लाभ
कम वसा
इसे भाप में पकाया जाता है।
आसानी से पचने वाला
यह पेट पर हल्का होता है।
ग्लूटेन-फ्री
चावल के आटे से बनने के कारण ग्लूटेन नहीं होता।
ऊर्जा का अच्छा स्रोत
कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए उपयुक्त
इसकी मुलायम बनावट सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए सुविधाजनक होती है।
सामान्य गलतियाँ
- ठंडे पानी से आटा गूंधना।
- बहुत कड़ा आटा बनाना।
- बहुत पतला घोल तैयार करना।
- स्टीमर को पहले गर्म न करना।
- अधिक समय तक भाप में पकाना।
- पुराने चावल के आटे का उपयोग करना।
इडियप्पम के विभिन्न प्रकार
सादा इडियप्पम
सबसे पारंपरिक रूप।
नारियल इडियप्पम
बीच-बीच में नारियल की परत।
रागी इडियप्पम
रागी के आटे से तैयार।
मल्टीग्रेन इडियप्पम
अनेक अनाजों का मिश्रण।
रंगीन इडियप्पम
पालक, चुकंदर या गाजर के रस से प्राकृतिक रंग दिए जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या इडियप्पम बिना प्रेस के बनाया जा सकता है?
हाँ, लेकिन पारंपरिक पतले धागों जैसी बनावट प्राप्त करना कठिन होता है। प्रेस का उपयोग सर्वोत्तम परिणाम देता है।
इडियप्पम को संग्रहित कैसे करें?
यदि बच जाए तो इसे पूरी तरह ठंडा होने दें।
एयरटाइट डिब्बे में भरकर रेफ्रिजरेटर में रखें।
24 घंटे के भीतर उपयोग करना बेहतर रहता है।
दोबारा खाने से पहले 2–3 मिनट भाप में गर्म कर लें।
क्या गेहूं के आटे से इडियप्पम बनाया जा सकता है?
परंपरागत इडियप्पम चावल के आटे से बनाया जाता है। गेहूं के आटे से बनावट और स्वाद अलग होगा।
क्या इसे बच्चों के टिफिन में दिया जा सकता है?
हाँ, इसे सब्ज़ी, नारियल या हल्की करी के साथ पैक किया जा सकता है।
क्या यह वजन नियंत्रित करने वाले लोगों के लिए उपयुक्त है?
यदि इसे संतुलित मात्रा में प्रोटीन और सब्ज़ियों के साथ खाया जाए तथा अत्यधिक मीठे या तैलीय साथियों से बचा जाए, तो यह संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है।
इडियप्पम केवल एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन नहीं, बल्कि सरलता, पौष्टिकता और उत्कृष्ट स्वाद का सुंदर मेल है। कम तेल में तैयार होने, हल्का होने और अनेक प्रकार की करी, स्टू, नारियल के दूध तथा मीठे व्यंजनों के साथ परोसे जाने के कारण यह हर आयु वर्ग के लोगों की पसंद बन चुका है।
यदि सही अनुपात में चावल का आटा, गर्म पानी और उचित भाप का उपयोग किया जाए, तो घर पर भी बाज़ार जैसे मुलायम, रेशमी और स्वादिष्ट इडियप्पम आसानी से बनाया जा सकता है। चाहे पौष्टिक नाश्ता हो, हल्का रात्रि भोजन या किसी विशेष अवसर का पारंपरिक व्यंजन—इडियप्पम हर अवसर पर स्वाद और स्वास्थ्य का बेहतरीन संतुलन प्रस्तुत करता है। इसे अपनी रसोई में अवश्य आज़माएँ और दक्षिण भारतीय पाक-परंपरा के इस अनूठे व्यंजन का आनंद पूरे परिवार के साथ लें।






