
संवाद 24 डेस्क। भारतीय भोजन की पहचान उसकी विविधता, स्वाद और पौष्टिकता में छिपी हुई है। इन्हीं व्यंजनों में उड़द दाल का विशेष स्थान है। यह दाल अपने गाढ़े स्वाद, मलाईदार बनावट और उच्च पोषण मूल्य के कारण पूरे भारत में पसंद की जाती है। उत्तर भारत में इसे तड़के वाली उड़द दाल के रूप में, पंजाब में मक्खनी अंदाज़ में तथा कई राज्यों में साधारण घरेलू मसालों के साथ बनाया जाता है।
उड़द दाल प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और कई आवश्यक विटामिनों का अच्छा स्रोत मानी जाती है। नियमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को ऊर्जा प्रदान करने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने तथा मांसपेशियों के विकास में सहायक होता है। यह दाल रोटी, पराठा, पूरी, चावल, जीरा राइस या बाजरे की रोटी के साथ समान रूप से स्वादिष्ट लगती है।
उड़द दाल बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
यह सामग्री लगभग 4 लोगों के लिए पर्याप्त है।
मुख्य सामग्री
- धुली उड़द दाल – 1 कप (लगभग 200 ग्राम)
- पानी – 4 से 5 कप
- नमक – स्वादानुसार
- हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
तड़के के लिए
- घी या तेल – 2 बड़े चम्मच
- जीरा – 1 छोटा चम्मच
- हींग – 1 चुटकी
- तेजपत्ता – 1
- सूखी लाल मिर्च – 2
- बारीक कटा प्याज – 1 मध्यम
- बारीक कटा टमाटर – 2 मध्यम
- अदरक-लहसुन का पेस्ट – 1 बड़ा चम्मच
- हरी मिर्च – 2 (बारीक कटी हुई)
मसाले
- लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर – 1½ छोटा चम्मच
- जीरा पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच
- कसूरी मेथी – 1 छोटा चम्मच (वैकल्पिक)
सजावट के लिए
- बारीक कटा हरा धनिया
- थोड़ा मक्खन या घी (वैकल्पिक)
- नींबू के टुकड़े
उड़द दाल बनाने की तैयारी
सबसे पहले उड़द दाल को अच्छी तरह साफ करके दो से तीन बार पानी से धो लें। इसके बाद इसे लगभग 30 मिनट तक पानी में भिगो दें। भिगोने से दाल जल्दी पकती है और उसका स्वाद भी बेहतर हो जाता है।
यदि समय कम हो तो बिना भिगोए भी दाल बनाई जा सकती है, लेकिन पकाने में थोड़ा अधिक समय लगेगा।
उड़द दाल उबालने की विधि
- कुकर में भीगी हुई दाल डालें।
- उसमें 4–5 कप पानी डालें।
- हल्दी और नमक मिलाएँ।
- मध्यम आँच पर 4–5 सीटी आने तक पकाएँ।
- गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर स्वयं निकलने दें।
- दाल को चम्मच से हल्का-सा मैश कर लें ताकि उसकी बनावट मलाईदार हो जाए।
तड़का तैयार करने की विधि
एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें।
सबसे पहले जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे तब हींग, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें।
अब बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर लगभग एक मिनट तक पकाएँ ताकि कच्चापन समाप्त हो जाए।
अब हरी मिर्च डालें।
फिर कटे हुए टमाटर डालकर तब तक पकाएँ जब तक वे पूरी तरह गल न जाएँ।
अब हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और जीरा पाउडर डालकर मसालों को धीमी आँच पर अच्छी तरह भूनें।
जब मसालों से तेल अलग होने लगे तब समझिए मसाला तैयार है।
दाल और मसाले को मिलाने की विधि
अब तैयार मसाले में उबली हुई उड़द दाल डाल दें।
यदि दाल अधिक गाढ़ी लगे तो आवश्यकतानुसार गर्म पानी मिला सकते हैं।
धीमी आँच पर 8–10 मिनट तक दाल को पकने दें ताकि मसालों का स्वाद अच्छी तरह मिल जाए।
अंत में गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें।
ऊपर से थोड़ा घी डालकर गैस बंद कर दें।
हरी धनिया से सजाकर गर्मागर्म परोसें।
परोसने का तरीका
उड़द दाल का स्वाद निम्नलिखित व्यंजनों के साथ सबसे अच्छा लगता है।
- सादा चावल
- जीरा राइस
- तंदूरी रोटी
- फुल्का
- नान
- मिस्सी रोटी
- बाजरे की रोटी
- मक्के की रोटी
- पराठा
साथ में सलाद, दही, पापड़ और अचार परोसने से भोजन और भी स्वादिष्ट बन जाता है।
स्वाद बढ़ाने के विशेष सुझाव
यदि आप होटल जैसा स्वाद चाहते हैं तो अंत में एक छोटा चम्मच मक्खन मिला सकते हैं।
घी का प्रयोग करने से दाल की सुगंध और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं।
थोड़ी-सी कसूरी मेथी हथेली पर मसलकर डालने से दाल का स्वाद और भी आकर्षक हो जाता है।
हल्का-सा नींबू रस परोसते समय डालने से स्वाद में ताजगी आती है।
उड़द दाल के पोषण संबंधी लाभ
उड़द दाल पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ है।
प्रोटीन का अच्छा स्रोत
उड़द दाल में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की कोशिकाओं और मांसपेशियों के निर्माण एवं मरम्मत में सहायक होता है।
फाइबर से भरपूर
इसमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है तथा लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है।
आयरन
आयरन लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होता है तथा शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।
कैल्शियम
कैल्शियम हड्डियों और दाँतों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पोटैशियम
पोटैशियम शरीर में द्रव संतुलन बनाए रखने तथा सामान्य मांसपेशीय कार्यों में सहायक होता है।
मैग्नीशियम
यह शरीर की अनेक जैविक प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और तंत्रिका तथा मांसपेशियों के सामान्य कार्य में योगदान देता है।
उड़द दाल बनाते समय होने वाली सामान्य गलतियाँ
बहुत अधिक पानी डाल देने से दाल पतली हो जाती है।
मसालों को कम भूनने से स्वाद अधूरा रह जाता है।
दाल को पर्याप्त समय तक न पकाने से मसाले उसमें अच्छी तरह नहीं मिलते।
बहुत अधिक लाल मिर्च डालने से दाल का प्राकृतिक स्वाद दब सकता है।
अधिक नमक डालने से स्वाद संतुलित नहीं रहता।
उड़द दाल को और स्वादिष्ट बनाने के उपाय
दाल को थोड़ी देर भिगोकर अवश्य पकाएँ।
घी का तड़का लगाने से स्वाद बेहतर आता है।
टमाटर अच्छी तरह गलने तक मसाला भूनें।
धीमी आँच पर कुछ मिनट अतिरिक्त पकाने से दाल अधिक मलाईदार बनती है।
परोसने से पहले ताजा हरा धनिया अवश्य डालें।
भंडारण की विधि
यदि दाल बच जाए तो उसे पूरी तरह ठंडा होने दें।
इसके बाद एयरटाइट डिब्बे में भरकर रेफ्रिजरेटर में 2 से 3 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
दोबारा उपयोग करते समय थोड़ा गर्म पानी मिलाकर अच्छी तरह उबाल लें।
उड़द दाल के विभिन्न प्रकार
साधारण उड़द दाल
कम मसालों के साथ रोजमर्रा के भोजन के लिए उपयुक्त।
तड़का उड़द दाल
घी और मसालों के तड़के के साथ तैयार की जाने वाली लोकप्रिय शैली।
मक्खनी उड़द दाल
मक्खन और क्रीम के साथ बनने वाली गाढ़ी एवं समृद्ध दाल।
लहसुन वाली उड़द दाल
इसमें लहसुन की मात्रा अधिक रखी जाती है, जिससे स्वाद अधिक तीखा और सुगंधित बनता है।
विशेषज्ञ सुझाव
- हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली नई उड़द दाल का चयन करें।
- मसालों का संतुलन बनाए रखें।
- दाल को बहुत तेज आँच पर लंबे समय तक न पकाएँ।
- तड़का हमेशा ताज़ा तैयार करें।
- यदि अधिक मलाईदार बनावट चाहिए तो दाल को हल्का-सा मैश कर लें।
- स्वाद बढ़ाने के लिए अंत में एक छोटा चम्मच घी डालना लाभदायक रहता है।
उड़द दाल भारतीय रसोई का एक पारंपरिक, स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन है, जिसे बनाना आसान होने के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी माना जाता है। सही मात्रा में मसालों, उचित पकाने की विधि और ताज़े तड़के के साथ तैयार की गई उड़द दाल घर के साधारण भोजन को भी विशेष बना देती है। चाहे दैनिक भोजन हो, पारिवारिक दोपहर का भोजन या किसी विशेष अवसर का मेनू, उड़द दाल हर अवसर पर स्वाद और पोषण का उत्कृष्ट संतुलन प्रदान करती है।
यदि इस विधि का चरणबद्ध पालन किया जाए, तो घर पर भी रेस्टोरेंट जैसा गाढ़ा, सुगंधित और स्वादिष्ट परिणाम आसानी से प्राप्त किया जा सकता है।






