
संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत कई क्षेत्रों में ई-रिक्शा को चलते-चलते अचानक बंद करने वाले कथित चीनी मोबाइल ऐप्स पर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। केंद्र ने ऐसे दो मोबाइल अनुप्रयोगों को हटाने के निर्देश जारी किए हैं, जिनके दुरुपयोग से ई-रिक्शा बीच सड़क में रुक रहे थे। इन घटनाओं के सामने आने के बाद सरकार ने इसे जनसुरक्षा और सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए त्वरित कार्रवाई की है।
कैसे हो रहा था ऐप का दुरुपयोग?
जांच में सामने आया कि कुछ लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से ब्लूटूथ से जुड़े ई-रिक्शा की बैटरी प्रबंधन प्रणाली से संपर्क कर वाहन की बिजली आपूर्ति बंद कर देते थे। इसके कारण चलती हुई ई-रिक्शा अचानक रुक जाती थी और चालक व सवारियां बीच सड़क में फंस जाती थीं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आने के बाद इस मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
सरकार ने दिए तत्काल हटाने के निर्देश
केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने दोनों ऐप को प्रमुख मोबाइल ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि ऐसे अनुप्रयोगों का दुरुपयोग सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए इन्हें आम लोगों की पहुंच से दूर करना आवश्यक है। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के जोखिम वाले अनुप्रयोगों की निगरानी और जांच को भी और मजबूत किया जाएगा।
चालकों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा था असर
ई-रिक्शा चालकों का कहना है कि वाहन अचानक बंद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। कई बार यात्रियों को बीच रास्ते में उतरना पड़ा, जिससे चालकों को विवाद और असुविधा का सामना करना पड़ा। विशेषज्ञों ने भी चेतावनी दी है कि यदि ऐसा किसी व्यस्त सड़क या चौराहे पर हो जाए तो गंभीर दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
तकनीकी खामी बनी बड़ी चिंता
विशेषज्ञों के अनुसार कई ई-रिक्शा में उपयोग होने वाली बैटरी प्रबंधन प्रणाली में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। कई उपकरण बिना किसी पासवर्ड या प्रमाणीकरण के ब्लूटूथ के माध्यम से जुड़ जाते थे, जिसका कुछ लोगों ने गलत फायदा उठाया। अब सरकार ऐसे उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती है।
भविष्य में होंगे और सख्त सुरक्षा मानक
सरकार इस पूरे मामले को केवल एक मोबाइल ऐप का नहीं, बल्कि ई-वाहनों की साइबर सुरक्षा से जुड़ा विषय मान रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में बैटरी प्रबंधन प्रणाली, ब्लूटूथ सुरक्षा और ई-वाहनों के तकनीकी मानकों को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक का उपयोग लोगों की सुविधा के लिए होना चाहिए, न कि उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ करने के लिए। केंद्र सरकार की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे ई-रिक्शा चालकों और यात्रियों में भी भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।






