
संवाद 24 नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के अनेक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। कई क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर को मिलेगी गर्मी से राहत
लगातार उमस और गर्मी से परेशान दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने, गरज के साथ बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
इन राज्यों में भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना रहेगा।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है। वहीं यात्रियों से मौसम का ताजा अपडेट देखकर ही यात्रा करने की अपील की गई है। पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के पास सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है।
प्रशासन भी सतर्क
संभावित भारी बारिश को देखते हुए कई राज्यों के प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया है। राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।
आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें। गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सतर्कता बरतने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ने की संभावना है, इसलिए मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर लगातार नजर बनाए रखना आवश्यक होगा।






