6 जून 2026 का वैदिक पंचांग और राशिफल

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 06 जून 2026, शनिवार

कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – षष्ठी रात्रि 10:11 तक, तत्पश्चात् सप्तमी
वार – शनिवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – धनिष्ठा रात्रि 04:06 तक, तत्पश्चात् शतभिषा
योग – ऐंद्र प्रातः 07:24 तक, तत्पश्चात् वैधृति
करण – गर दोपहर 09:51 तक, तत्पश्चात् वणिज रात्रि 10:11 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – मकर राशि में दोपहर 03:28 तक, तत्पश्चात् कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे।

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:33
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:59 से 12:46 तक
राहुकाल – प्रातः 09:00 से 10:30 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (शनिवार होने के कारण)

व्रत-पर्व एवं विशेष योग

  1. पंचक आरंभ: आज दोपहर 03:20 से कुंभ राशि के चन्द्रमा के साथ ही ‘पंचक’ का प्रारंभ हो रहा है, जो अगले 5 दिनों तक रहेगा। पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा, घर पर छत डालना, लकड़ी या ईंधन इकट्ठा करना जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं।
  2. धनिष्ठा नक्षत्र प्रभाव: दोपहर बाद चन्द्रमा का धनिष्ठा नक्षत्र के तीसरे चरण में जाना और फिर कुंभ में प्रवेश करना निर्माण कार्यों, तकनीकी शिक्षा और धातु से जुड़े व्यापार के लिए अनुकूल है।

विशेष जानकारी
आज शनिवार का दिन है और चन्द्रमा दोपहर बाद अपने मित्र ग्रह शनिदेव की ही मूलत्रिकोण राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। चूंकि आज वैधृति योग का प्रभाव भी रहेगा, इसलिए कोई भी नया बड़ा व्यावसायिक निवेश करने से बचें। शनिदेव जनित साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा के दोषों की शांति के लिए आज के दिन पीपल के वृक्ष के नीचे दीप दान करना तथा शनि चालीसा का पाठ करना अत्यंत चमत्कारी और कष्ट निवारक सिद्ध होगा।

आज का राशिफल: 06 जून 2026, शनिवार

मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
दोपहर तक चन्द्रमा आपके दशम भाव में रहेंगे जिससे आजीविका के क्षेत्र में अच्छे अवसर मिलेंगे। दोपहर के बाद चन्द्रमा का एकादश भाव में जाना आर्थिक लाभ के मार्ग खोलेगा। पुराना रुका हुआ धन मिलने के प्रबल योग हैं।
उपाय – हनुमान जी के सम्मुख चमेली के तेल का दीपक जलाएं।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर बाद भाग्य भाव से चन्द्रमा का गोचर आपके कर्म भाव (दशम) में होगा। रत्न, आभूषण और सौंदर्य प्रसाधनों के व्यवसाय से जुड़े जातकों को आज कोई बड़ा ऑर्डर मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों की कार्यक्षेत्र में साख मजबूत होगी।
उपाय – शनि देव को नीले पुष्प अर्पित करें।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
दोपहर तक अष्टम चन्द्रमा के कारण कार्यों में थोड़ी रुकावट आ सकती है, लेकिन दोपहर बाद चन्द्रमा के नवम भाव में आते ही भाग्य का पूर्ण सहयोग मिलेगा। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और वरिष्ठों के मार्गदर्शन से लाभ होगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और शनि चालीसा का पाठ करें।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक दाम्पत्य जीवन और साझेदारी के कार्यों में अनुकूलता रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आपको स्वास्थ्य के प्रति विशेष सचेत रहना होगा। जोखिम भरे निवेश और वाहन चलाने में सावधानी बरतें।
उपाय – शिवलिंग पर काले तिल मिश्रित जल अर्पित करें।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टी, टू, टे)
दोपहर तक कोर्ट-कचहरी या विरोधियों से जुड़े मामलों में आपकी स्थिति मजबूत रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा का सप्तम भाव में जाना व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध सुधारेगा। जीवनसाथी के नाम से किया गया कार्य आज फलीभूत होगा।
उपाय – मस्तक पर लाल चंदन लगाएं और सुंदरकांड का पाठ करें।

कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक बौद्धिक और रचनात्मक कार्यों में मन लगेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा छठे भाव में प्रवेश करेंगे, जिसके प्रभाव से आपके शत्रु और गुप्त विरोधी परास्त होंगे। नौकरीपेशा जातकों को सहकर्मियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें।

तुला(ra, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
चतुर्थ भाव से चन्द्रमा दोपहर बाद पंचम भाव में जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी। रत्न व्यवसाय और वित्तीय परामर्श (Consultancy) के कार्यों से जुड़े लोगों को आकस्मिक धन लाभ होने की संभावना है।
उपाय – मां लक्ष्मी के सामने घी का दीपक जलाएं और श्रीसूक्त का पाठ करें।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि बनी रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा का चतुर्थ भाव में गोचर भूमि, भवन या वाहन के सुख में वृद्धि कराएगा। माता का आशीर्वाद आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा। घर में शांति रहेगी।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और जरूरतमंदों को तिल का दान करें।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दोपहर तक संचित धन और बैंक-बैलेंस बढ़ाने के प्रयास सफल होंगे। दोपहर के बाद चन्द्रमा आपके तृतीय भाव (पराक्रम) में प्रवेश करेंगे, जिससे लघु दूरी की लाभदायक यात्राएं होंगी। भाई-बहनों का व्यावसायिक सहयोग व्यापार को नई गति देगा।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और पीपल के नीचे दीप दान करें।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहने से मानसिक स्पष्टता रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा द्वितीय भाव (धन भाव) में जाएंगे, जिससे रुका हुआ व्यावसायिक भुगतान प्राप्त होगा। वाणी की कुशलता से अटके हुए कार्य स्वतः पूरे होने लगेंगे।
उपाय – शनि देव के ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का ३ माला जप करें।

कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और थोड़ी भागदौड़ रह सकती है। दोपहर बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे मानसिक तनाव समाप्त होगा और निर्णय क्षमता मजबूत होगी। पंचक आरंभ होने से निर्माण कार्य अभी टालें।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और चींटियों को आटा डालें।

मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
दोपहर तक आय के स्रोतों में वृद्धि और पुराने निवेशों से लाभ का योग है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से धार्मिक अनुष्ठानों या विलासिता की वस्तुओं पर धन व्यय हो सकता है। सुदूर व्यापार से जुड़े जातकों के लिए समय उत्तम है।
उपाय – भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और नारायण कवच का पाठ करें।

शुभम भवतु।

Samvad 24 Office
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