
संवाद 24 बिहार। मुजफ्फरपुर से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। शहर के एक निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अफरा-तफरी में बदल दिया। हादसे के समय आईसीयू में कई गंभीर मरीज भर्ती थे, जिनमें से कई लोगों की जान नहीं बच सकी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
अचानक उठीं लपटें, मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, अस्पताल के आईसीयू सेक्शन में देर रात अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआत में कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आईसीयू में भर्ती मरीजों की हालत पहले से गंभीर थी, ऐसे में उन्हें तुरंत बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। अस्पताल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि धुएं और आग की तीव्रता के कारण कई मरीज इसकी चपेट में आ गए। कुछ मरीजों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जबकि कई लोगों को बचाने के प्रयास असफल रहे।
फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीम पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया और आग पर काबू पाने के लिए घंटों तक प्रयास जारी रहे। प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। बचाव दल ने अस्पताल के विभिन्न हिस्सों की तलाशी लेकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कहीं कोई व्यक्ति अंदर फंसा न रह गया हो। गंभीर रूप से घायल मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया ताकि उनका उपचार जारी रह सके। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार आग की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
परिजनों में गुस्सा और शोक
हादसे की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। अपने प्रियजनों की जानकारी पाने के लिए परिजन घंटों अस्पताल परिसर में परेशान नजर आए। कई परिवारों ने अस्पताल प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। घटना के बाद माहौल बेहद भावुक हो गया। कई लोग अपने परिजनों की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए, जबकि मृतकों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच की मांग भी उठाई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीयू जैसे संवेदनशील वार्डों में बड़ी मात्रा में बिजली से चलने वाले उपकरण मौजूद रहते हैं, इसलिए वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान अस्पतालों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें शॉर्ट सर्किट और सुरक्षा मानकों की कमी प्रमुख कारण रहे हैं। ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।
जांच के आदेश, जिम्मेदारी तय होगी
प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जाएगी और यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अस्पताल में भर्ती बचे हुए मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है और पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। इस दुखद हादसे ने न केवल कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर बहस छेड़ दी है। मुजफ्फरपुर का यह हादसा आने वाले समय में अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा और उन्हें मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण चेतावनी साबित हो सकता है।






