
आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ।
वैदिक पंचांग
अंग्रेजी दिनांक – 04 जून 2026, गुरुवार
कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (अधिक ज्येष्ठ – रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म
मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – अधिक ज्येष्ठ
पक्ष – कृष्ण
तिथि – चतुर्थी रात्रि 08:23 तक, तत्पश्चात् पंचमी
वार – गुरुवार
नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – उत्तराषाढ़ा (पूरे दिन और पूरी रात)
योग – ब्रह्म प्रातः 07:36 तक, तत्पश्चात् ऐंद्र
करण – कौलव प्रातः 08:37 तक, तत्पश्चात् तैतिल रात्रि 09:31 तक
चंद्र गोचर
चन्द्रमा – धनु राशि में (दोपहर तक), तत्पश्चात् मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:25
सूर्यास्त – 07:32
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:59 से 12:46 तक
राहुकाल – दोपहर 01:30 से 03:00 तक
दिशाशूल – दक्षिण दिशा में (गुरुवार होने के कारण)
व्रत-पर्व एवं विशेष योग
- सर्वार्थसिद्धि योग: आज सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक पूर्ण अवधि के लिए “सर्वार्थसिद्धि योग” रहेगा। यह योग सभी प्रकार के नए कार्यों, व्यापारिक अनुबंधों, भूमि-भवन के क्रय-विक्रय और स्वर्ण-आभूषणों की खरीददारी के लिए अत्यंत शुभ और सफलता प्रदायक माना गया है।
- संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत: आज अधिक ज्येष्ठ मास की संकष्टी चतुर्थी है। रात्रि में चन्द्रोदय के समय भगवान गणेश और चन्द्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। विघ्नहर्ता की उपासना से सभी संकट दूर होंगे।
विशेष जानकारी
आज गुरुवार का दिन है और चन्द्रमा दोपहर तक देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में रहकर, उसके बाद शनिदेव की राशि मकर में प्रवेश करेंगे। सूर्य के नक्षत्र उत्तराषाढ़ा और सर्वार्थसिद्धि योग का यह महासंयोग राजकीय सम्मान, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और रुके हुए सरकारी कार्यों को संपन्न कराने के लिए श्रेष्ठ है। आज के दिन भगवान विष्णु और गणपति जी की संयुक्त आराधना करने से सुख-समृद्धि के विशेष मार्ग खुलेंगे।

आज का राशिफल: 04 जून 2026, गुरुवार
मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
भाग्य भाव से चन्द्रमा का गोचर आज दोपहर बाद कर्म भाव (दशम) में होगा। सर्वार्थसिद्धि योग के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी सफलता हाथ लग सकती है। पैतृक संपत्ति के अटके हुए मामले आज सुलझेंगे। अधिकारियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और विष्णु चालीसा का पाठ करें।
वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
दोपहर तक चन्द्रमा अष्टम भाव में रहने से गोचर थोड़ा धीमा रहेगा, लेकिन दोपहर के बाद चन्द्रमा के नवम भाव में आते ही भाग्य का प्रबल साथ मिलेगा। सर्वार्थसिद्धि योग में किया गया निवेश भविष्य में बड़ा आर्थिक लाभ देगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
उपाय – मस्तक पर पीला चंदन लगाएं और जरूरतमंदों को फल दान करें।
मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
व्यापार और साझेदारी के मामलों के लिए दिन का पूर्वार्ध उत्तम है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के अष्टम भाव में जाने से वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें। व्यावसायिक गुप्त योजनाओं को किसी के साथ साझा न करें। वाणी पर नियंत्रण रखना हितकर होगा।
उपाय – गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें और मूंग की दाल का दान करें।
कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
दोपहर तक शत्रुओं और विरोधियों पर आपका प्रभाव बना रहेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के सप्तम भाव में जाने से दाम्पत्य जीवन में मधुरता आएगी। व्यापारिक साझेदारों के साथ चल रहा तनाव समाप्त होगा और नए व्यावसायिक अनुबंध प्राप्त होंगे।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें और ओम नमः शिवाय का जप करें।
सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
विद्यार्थियों और रत्न व्यवसायियों के लिए आज का दिन विशेष फलदायी है। बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा छठे भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे कोर्ट-कचहरी या विभागीय जांच से जुड़े मामलों में स्थिति आपके पक्ष में मजबूत होगी।
उपाय – आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और गायत्री मंत्र का जप करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
दोपहर तक घरेलू सुख-साधनों और भूमि से जुड़े कार्यों में व्यस्तता रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा का पंचम भाव में आना शिक्षा, संतान और आकस्मिक धन लाभ के लिए मार्ग खोलेगा। सर्वार्थसिद्धि योग के प्रभाव से आपकी योजनाएं सफल होंगी।
उपाय – भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाएं और संकट नाशन स्तोत्र का पाठ करें।
तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के चतुर्थ भाव में जाने से पारिवारिक सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा। माता का सानिध्य और आशीर्वाद आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और लक्ष्मी नारायण मंदिर में दीप दान करें।
वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज संचित धन में वृद्धि का योग है। रत्न व्यवसाय से जुड़े जातकों को दोपहर से पहले कोई बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है। दोपहर के बाद लघु दूरी की लाभदायक यात्राएं होंगी। सामाजिक क्षेत्र में आपका प्रभाव बढ़ेगा।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं।
धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा,भे)
दोपहर तक चन्द्रमा आपकी ही राशि में रहेंगे, जिससे मानसिक स्पष्टता और निर्णय क्षमता अद्भुत रहेगी। दोपहर के बाद चन्द्रमा के द्वितीय भाव में जाने से अटका हुआ व्यावसायिक भुगतान प्राप्त होगा। परिवार में मांगलिक उत्सव की रूपरेखा बनेगी।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।
मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता और थोड़ी भागदौड़ रह सकती है। दोपहर के बाद चन्द्रमा आपकी ही राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा और सोचे हुए कार्य सर्वार्थसिद्धि योग के प्रभाव से त्वरित गति से पूरे होंगे।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाएं।
कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
दोपहर तक आय के स्रोतों में अप्रत्याशित वृद्धि और पुराने निवेशों से लाभ का योग है। दोपहर के बाद चन्द्रमा के द्वादश भाव में जाने से विलासिता या धार्मिक अनुष्ठानों पर धन व्यय हो सकता है। सुदूर व्यापार से जुड़े जातकों के लिए समय उत्तम है।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें।
मीन(दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
करियर और आजीविका के क्षेत्र में आज कोई बड़ा मुकाम हासिल हो सकता है। पिता और उच्च अधिकारियों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। दोपहर के बाद चन्द्रमा के एकादश भाव में जाने से लाभ की गति तीव्र होगी और व्यावसायिक विस्तार की योजनाएं फलीभूत होंगी।
उपाय – गुरुदेव का आशीर्वाद लें और भगवान सत्यनारायण की कथा या मंत्रों का जप करें।
शुभम भवतु।

