खाड़ी क्षेत्र में फिर भड़की सैन्य टकराव की आग

संवाद 24 नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच हालात तब और गंभीर हो गए जब ईरान ने कुवैत, बहरीन और आसपास के क्षेत्रों की ओर मिसाइलों तथा ड्रोन हमलों की कोशिश की। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक महत्व वाले क़ेश्म द्वीप (Qeshm Island) पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की।

क़ेश्म द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई से बढ़ा विवाद
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने “आत्मरक्षा” के तहत ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों और नियंत्रण केंद्रों पर हमले किए। इनमें क़ेश्म द्वीप पर स्थित सैन्य प्रतिष्ठान भी शामिल थे। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई ईरानी गतिविधियों और क्षेत्र में बढ़ते खतरों के जवाब में की गई।

ईरान ने कुवैत और बहरीन की दिशा में दागीं मिसाइलें
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान की ओर से कई मिसाइलें और ड्रोन छोड़े गए, जिनका लक्ष्य कुवैत, बहरीन और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने थे। हालांकि अधिकांश मिसाइलें या तो लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विफल हो गईं या फिर वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा मार गिराई गईं। कुवैत और बहरीन की सुरक्षा एजेंसियों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ली जिम्मेदारी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य हितों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की है। ईरानी मीडिया के मुताबिक यह हमला उस कथित अमेरिकी कार्रवाई के विरोध में किया गया जिसमें ईरान के सैन्य और संचार ढांचे को निशाना बनाया गया था। IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि क्षेत्र में उसके हितों पर हमला जारी रहा तो और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

बहरीन और कुवैत में बजने लगे सायरन
हमलों की खबर के बाद बहरीन, कुवैत और आसपास के कई इलाकों में सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया। कई स्थानों पर सायरन बजाए गए और लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं।

संघर्ष विराम की कोशिशों को लगा झटका
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन ताजा घटनाओं ने इन प्रयासों को बड़ा झटका दिया है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हालात लगातार बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं।

वैश्विक बाजार और तेल आपूर्ति पर भी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाड़ी क्षेत्र में तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है। क़ेश्म द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिने जाते हैं। ऐसे में किसी भी सैन्य टकराव का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।

आगे क्या होगा, दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर
मौजूदा हालात ने पूरे पश्चिम एशिया को एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बना दिया है। अमेरिका और ईरान दोनों ने अपने-अपने रुख को सही ठहराया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के कदम तय करेंगे कि तनाव कम होगा या फिर यह टकराव और बड़े संकट का रूप लेगा।

Madhvi Singh
Madhvi Singh

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