30 मई 2026 का वैदिक पंचांग एवं विस्तृत राशिफल

आचार्य मधुसूदन अग्निहोत्री
वैदिक ज्योतिष, धर्मनिर्णय एवं कर्मकांड विशेषज्ञ
अंग्रेजी दिनांक – 30 मई 2026, शनिवार

कालगणना
सृष्टि संवत् – 1,95,58,85,127
युगाब्द – 5128
विक्रम संवत् – 2083 (रौद्र संवत्सर)
शक संवत् – 1948
सम्वत्सर – रौद्र
अयन – उत्तरायण
ऋतु – ग्रीष्म

मास, पक्ष एवं वार विवरण
मास – ज्येष्ठ
पक्ष – शुक्ल
तिथि – चतुर्दशी दोपहर 11:10 तक, तत्पश्चात् पूर्णिमा
वार – शनिवार

नक्षत्र, योग एवं करण
नक्षत्र – विशाखा दोपहर 12:55 तक, तत्पश्चात् अनुराधा
योग – शिव (पूरे दिन)
करण – वणिज दोपहर 11:10 तक, तत्पश्चात् विष्टि (भद्रा) रात्रि 12:04 तक

चंद्र गोचर
चन्द्रमा – तुला राशि में प्रातः 06:24 तक, तत्पश्चात् वृश्चिक राशि में प्रवेश।

सूर्य, काल एवं मुहूर्त (फर्रुखाबाद स्थानीय समय)
सूर्योदय – 05:26
सूर्यास्त – 07:29
अभिजित मुहूर्त – दोपहर 11:58 से 12:45 तक
राहुकाल – प्रातः 09:00 से 10:30 तक
दिशाशूल – पूर्व दिशा में (शनिवार होने के कारण)

व्रत-पर्व एवं विशेष योग

  1. व्रत की पूर्णिमा (ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत): आज दोपहर 11:10 के बाद पूर्णिमा तिथि लग जाएगी। सुख-सौभाग्य, सत्यनारायण भगवान के पूजन और लक्ष्मी कृपा के लिए आज पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा।
  2. शिव योग: आज पूरे दिन “शिव योग” विद्यमान रहेगा। यह योग आध्यात्मिक उन्नति, मंत्र सिद्धि और महादेव की सात्विक आराधना के लिए अत्यंत दुर्लभ व कल्याणकारी माना गया है।
  3. भद्रा (विष्टि): दोपहर 11:10 से रात्रि 12:04 तक भद्रा का वास रहेगा। पूर्णिमा से जुड़े धार्मिक संकल्प व पूजन भद्रा काल के नियमों को ध्यान में रखकर या सायंकाल के समय करना उचित रहेगा।

विशेष जानकारी
आज प्रातः 06:24 पर चन्द्रमा मंगल की राशि वृश्चिक (अपनी नीच राशि) में प्रवेश करेंगे, जहाँ पहले से गोचर कर रहे ग्रहों के प्रभाव से मानसिक संवेदनशीलता बढ़ सकती है। दोपहर 12:55 के बाद मित्र ग्रह शनि का नक्षत्र “अनुराधा” प्रारंभ होगा, जो विशाखा नक्षत्र के बाद मन में स्थिरता लाएगा। शनिवार को पूर्णिमा और शिव योग का संयोग शनि जनित दोषों और मानसिक तनावों से मुक्ति पाने के लिए अचूक है। आज सायंकाल पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और हनुमान जी के सम्मुख संकटमोचन स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी रहेगा।

आज का राशिफल: 30 मई 2026, शनिवार

मेष(चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
प्रातः काल के बाद चन्द्रमा आपके अष्टम भाव में गोचर करेंगे, जिससे कार्यों में थोड़ी रुकावटें आ सकती हैं। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें। जोखिम भरे निवेश और सट्टे से पूरी तरह दूर रहें। शाम के समय धार्मिक अनुष्ठान से मानसिक शांति मिलेगी।
उपाय – हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी अर्पित करें।

वृषभ(ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
सप्तम भाव का चन्द्रमा दाम्पत्य जीवन में आपसी विश्वास बढ़ाएगा। व्यापार में नए साझेदार जुड़ सकते हैं, परंतु दोपहर के भद्रा काल में कोई बड़ा वित्तीय अनुबंध करने से बचें। अनुराधा नक्षत्र के प्रभाव से शाम के समय कोई अटका हुआ व्यावसायिक मामला सुलझ जाएगा।
उपाय – लक्ष्मी नारायण के सम्मुख घी का दीपक जलाएं और मिश्री का भोग लगाएं।

मिथुन(का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, ह)
छठे भाव का चन्द्रमा शत्रुओं और विरोधियों पर आपकी विजय सुनिश्चित करेगा। कोर्ट-कचहरी या ऋण संबंधी मामलों में प्रगति होगी। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें, खान-पान में लापरवाही न बरतें।
उपाय – भगवान गणेश को दूर्वा चढ़ाएं और महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।

कर्क(ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
विद्यार्थियों के लिए दोपहर के बाद का समय अनुराधा नक्षत्र के प्रभाव से एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकता है। पूर्णिमा तिथि के प्रभाव से अध्यात्म और रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। आकस्मिक लाभ के योग हैं।
उपाय – शिवलिंग पर कच्चा दूध और काले तिल अर्पित करें।

सिंह(मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
चतुर्थ भाव का चन्द्रमा भूमि, भवन और वाहन से जुड़े मामलों में व्यस्तता बढ़ाएगा। माता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव अधिक रह सकता है। शाम के समय घर में सत्यनारायण भगवान की कथा सुनना या कराना उत्तम रहेगा।

उपाय – सूर्य देव को अर्घ्य दें और शिव चालीसा का पाठ करें।
कन्या(टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपके पराक्रम और पुरुषार्थ में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों का पूर्ण सहयोग मिलेगा। व्यावसायिक यात्राएं सुखद और नए अवसरों को लाने वाली सिद्ध होंगी। संचार और लेखन के क्षेत्र से जुड़े जातकों को आज विशेष ख्याति प्राप्त हो सकती है।
उपाय – श्रीसूक्त का पाठ करें और जरूरतमंदों को अन्न दान करें।

तुला(रा, री, रू, रे, रो, ता, टी, तू, ते)
प्रातः काल के बाद चन्द्रमा आपके धन भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे संचित धन (बैंक-बैलेंस) में वृद्धि के योग बनेंगे। वाणी की सौम्यता से आपके रुके हुए कार्य स्वतः बनने लगेंगे। रत्न व्यवसाय या आभूषणों के क्रय-विक्रय के लिए समय अनुकूल है।
उपाय – मस्तक पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें।

वृश्चिक(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
चन्द्रमा आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, जिससे आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, परंतु नीच राशि का चन्द्रमा होने से दोपहर तक विचारों में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है। दोपहर के बाद अनुराधा नक्षत्र लगने से स्थितियां आपके पूर्ण नियंत्रण में आ जाएंगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।
उपाय – सुंदरकांड का पाठ करें और शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं।

धनु(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
दिन के पूर्वार्ध में खर्चों की अधिकता से मन थोड़ा विचलित हो सकता है। धार्मिक यात्राओं या परोपकार के कार्यों पर धन व्यय होगा। सुदूर स्थानों या विदेश से जुड़े व्यापार में प्रगति होगी। रात्रि के समय मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी।
उपाय – मस्तक पर केसर का तिलक लगाएं और चने की दाल का दान करें।

मकर(भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आय के स्रोतों में अप्रत्याशित और बड़ी वृद्धि होने के प्रबल योग बने हुए हैं। पूर्णिमा और शिव योग के प्रभाव से पुराना फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। मित्रों और बड़े भाई-बहनों का भरपूर सहयोग करियर में नई दिशा देगा।
उपाय – शनि चालीसा का पाठ करें और पीपल के वृक्ष के नीचे चौमुखा दीपक जलाएं।

कुंभ(गु, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
कार्यक्षेत्र और करियर के लिए आज का दिन स्वर्णिम है। दशम भाव का चन्द्रमा आपकी आजीविका में बड़ी तरक्की और नए मार्ग खोलेगा। सरकारी या राजकीय कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी। पिता का मार्गदर्शन व्यापार में मील का पत्थर साबित होगा।
उपाय – बजरंग बाण का पाठ करें और पक्षियों को सात प्रकार का अनाज डालें।

मीन(दी, दू, th, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
भाग्य आज आपका पूर्ण साथ दे रहा है। व्रत की पूर्णिमा के पावन अवसर पर किसी तीर्थ यात्रा या देव दर्शन का संजोग बनेगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों को कोई बड़ी सफलता हाथ लग सकती है। सामाजिक साख मजबूत होगी।
उपाय – नारायण कवच का पाठ करें और भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें।

शुभम भवतु।

Samvad 24 Office
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