
संवाद 24 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केंद्र सरकार की अहम मंत्रिपरिषद बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, बड़े फैसलों और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
सभी केंद्रीय मंत्रियों की रहेगी मौजूदगी
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे। यह इस वर्ष मंत्रिपरिषद की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है।
मंत्रालयों की रिपोर्ट कार्ड पर फोकस
बैठक के दौरान अलग-अलग मंत्रालय अपनी उपलब्धियों, योजनाओं की प्रगति और आगे की रणनीति पर प्रस्तुति देंगे। सरकार विशेष रूप से मंत्रालयों के प्रदर्शन और नीतियों के असर का मूल्यांकन करेगी।
सुधारों और नई नीतियों पर चर्चा
जानकारी के मुताबिक, बैठक में प्रशासनिक सुधार, नियमों को आसान बनाने और नीति सुधारों पर जोर रहेगा। सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने के लिए नए कदमों पर भी चर्चा कर सकती है।
पश्चिम एशिया संकट पर भी नजर
बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। खासतौर पर ऊर्जा, तेल आपूर्ति और महंगाई से जुड़े मुद्दों पर मंत्रालयों को दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
कई अहम मंत्रालय देंगे प्रेजेंटेशन
रिपोर्ट्स के अनुसार कृषि, पेट्रोलियम, पर्यावरण, वाणिज्य, ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा मंत्रालय समेत कई विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करेंगे। सरकार विभिन्न योजनाओं के जमीनी असर का भी आकलन करेगी।
कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब केंद्र सरकार में संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि प्रदर्शन के आधार पर कुछ बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
विकसित भारत के विजन पर रहेगा जोर
सरकार की कोशिश अगले चरण के सुधारों और विकास योजनाओं को गति देने की है। बैठक में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को लेकर मंत्रालयों की भूमिका पर भी चर्चा हो सकती है।
आगे की रणनीति तय करेगी बैठक
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि आने वाले महीनों की रणनीति तय करने वाला बड़ा मंच साबित हो सकता है। सरकार प्रशासनिक सुधारों, विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं को लेकर नए संकेत दे सकती है।






