दिल्लीवासियों को फिर लगा महंगाई का झटका! पेट्रोल-डीजल के दामों में दोबारा बढ़ोतरी, जानिए नए रेट
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संवाद 24 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। मंगलवार से लागू नई दरों के बाद आम लोगों की जेब पर महंगाई का दबाव और बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है, जिससे वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ गई है।
दिल्ली में पेट्रोल 98 रुपये के पार
नई कीमतों के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल लगभग 87 पैसे महंगा होकर 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल की कीमत में करीब 91 पैसे की बढ़ोतरी के बाद यह 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बनी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई प्रभावित होने की वजह से ब्रेंट क्रूड की कीमतें तेजी से ऊपर गई हैं। इसी का असर अब भारत के घरेलू बाजार में दिखाई देने लगा है।
तेल कंपनियों को भारी नुकसान
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन हजारों करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा कीमतों के बावजूद कंपनियां पूरी लागत नहीं निकाल पा रही हैं। कुछ आर्थिक विश्लेषकों ने आशंका जताई है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
आम जनता और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर
ईंधन महंगा होने का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगा है। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने से सब्जियां, दूध, राशन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा ऑटो, टैक्सी और बस किराए में बढ़ोतरी की आशंका भी जताई जा रही है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो महंगाई और तेज हो सकती है।
कई शहरों में तेजी से बढ़े दाम
दिल्ली के अलावा मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और अन्य बड़े शहरों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। कई राज्यों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर से काफी ऊपर पहुंच चुका है। इससे लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट और माल ढुलाई पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
सरकार की नजर वैश्विक हालात पर
सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। माना जा रहा है कि यदि वैश्विक तनाव कम नहीं हुआ और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं तो आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के दामों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।






