लखनऊ में BJP युवा मोर्चा नेता पर जानलेवा हमला
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उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (BJYM) से जुड़े नेता चेतन तिवारी पर सरेआम फायरिंग कर दी गई। घटना थाना बाजार खाला क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। हमले में चेतन तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
CCTV फुटेज से खुला राज
घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर ने बेहद नजदीक से चेतन तिवारी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं और मौके से भागने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की पहचान वैभव वाजपेयी के रूप में हुई, जिसे कुछ ही समय में हिरासत में ले लिया गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी मेहदीगंज क्षेत्र का निवासी है और चेतन तिवारी के साथ उसका पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश को हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है। घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए भी लगातार दबिश दी जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
भाजपा नेता पर हुए हमले के बाद स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। घटना के विरोध में कई लोगों ने बाजार खाला क्षेत्र में जुटकर आरोपियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
बढ़ते आपराधिक मामलों पर फिर उठे सवाल
राजधानी लखनऊ में दिनदहाड़े भाजपा नेता पर हुए इस हमले ने एक बार फिर कानून व्यवस्था और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के महीनों में राजनीतिक रंजिश और व्यक्तिगत विवादों से जुड़े अपराधों में वृद्धि देखी गई है, जिससे आम लोगों में भी चिंता का माहौल है।विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल और राजनीतिक प्रभाव वाले व्यक्तियों के बीच बढ़ती व्यक्तिगत दुश्मनी अब सार्वजनिक हिंसा का रूप लेने लगी है, जो प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
रंजिश, राजनीति और रिवॉल्वर” — आखिर क्यों बढ़ रही ऐसी घटनाएं?
यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि समाज में बढ़ती व्यक्तिगत हिंसा और राजनीतिक टकराव का संकेत भी मानी जा रही है। जिस प्रकार खुलेआम गोलीबारी हुई, उससे यह स्पष्ट है कि अपराधियों में कानून का भय कम होता दिखाई दे रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।






