PGT परीक्षा 2026: 319 केंद्रों पर आज से महायुद्ध, 4.64 लाख अभ्यर्थियों की किस्मत दांव पर

Share your love

उत्तर प्रदेश में प्रवक्ता (PGT) भर्ती-2022 परीक्षा आज 9 मई से शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित यह परीक्षा 9 और 10 मई को प्रदेश के 17 मंडल मुख्यालयों के 319 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में कराई जा रही है। 18 विषयों के कुल 624 पदों के लिए लगभग 4.64 लाख अभ्यर्थी मैदान में हैं। लंबे इंतजार और कई बार स्थगित होने के बाद आखिरकार परीक्षा शुरू होने से अभ्यर्थियों में उत्साह और तनाव दोनों देखने को मिल रहा है।

AI निगरानी में होगी परीक्षा, कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर

इस बार आयोग ने परीक्षा को पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था के तहत आयोजित करने का दावा किया है। सभी परीक्षा केंद्रों के कमरों और संवेदनशील स्थानों पर AI आधारित CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें जिला कंट्रोल रूम और आयोग मुख्यालय से जोड़ा गया है। आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए बताया कि प्रत्येक जिले में एक-एक प्रेक्षक तैनात किया गया है, जबकि डीएम और एसपी स्तर के अधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे।

किन विषयों की परीक्षा कब? जानिए पूरा शेड्यूल

9 मई की प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास और शिक्षा शास्त्र विषय की परीक्षा आयोजित की जा रही है। वहीं दूसरी पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य और समाजशास्त्र विषय के अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत और मनोविज्ञान विषय की परीक्षा होगी। दूसरी पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिंदी और कला विषय के अभ्यर्थी शामिल होंगे। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है।

पहली बार कक्ष में ही होगी OMR शीट स्कैनिंग, पारदर्शिता पर जोर

इस भर्ती परीक्षा की सबसे बड़ी खासियत OMR शीट स्कैनिंग व्यवस्था है। आयोग लखनऊ मंडल के 10 केंद्रों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में परीक्षा समाप्त होते ही अभ्यर्थियों और कक्ष निरीक्षकों की मौजूदगी में OMR शीट स्कैन करेगा। इसके बाद डेटा सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में मूल OMR और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान किया जा सकेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो आगामी सभी भर्ती परीक्षाओं में इसी व्यवस्था को लागू किया जा सकता है। इससे पेपर में गड़बड़ी, कॉपी बदलने और फर्जीवाड़े जैसी शिकायतों पर काफी हद तक रोक लग सकती है।

चार बार टली परीक्षा, अब अभ्यर्थियों की उम्मीदें चरम पर

PGT भर्ती परीक्षा पिछले कई महीनों से चर्चा में रही है। तकनीकी कारणों, प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर परीक्षा चार बार स्थगित हो चुकी थी। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा केवल नौकरी नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत और धैर्य की परीक्षा भी बन चुकी है।प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए रोडवेज विभाग ने कई शहरों में अतिरिक्त बसों की व्यवस्था भी की है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी परीक्षार्थियों की आवाजाही बढ़ गई है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीक का नया दौर

विशेषज्ञों के अनुसार UPESSC की यह परीक्षा उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन का नया मॉडल साबित हो सकती है। AI निगरानी, लाइव कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग और OMR स्कैनिंग जैसी व्यवस्थाएं भविष्य में अन्य भर्ती परीक्षाओं में भी लागू होने की संभावना बढ़ा रही हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get regular updates on your mail from Samvad 24 News