गाजियाबाद में आवारा जानवरों का बढ़ता आतंक: 24 घंटे में 147 लोग घायल
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गाजियाबाद में आवारा जानवरों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे के भीतर कुत्तों, बंदरों और बिल्लियों के हमलों में कुल 147 लोग घायल हो गए, जिनमें 64 बच्चे शामिल हैं। यह आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
अस्पतालों में बढ़ी भीड़, एंटी रेबीज के लिए उमड़े लोग
घटना के बाद सभी पीड़ितों ने सरकारी अस्पतालों का रुख किया, जहां उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) दी गई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिला एमएमजी अस्पताल, संयुक्त अस्पताल और डूंडाहेडा अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग वैक्सीन लगवाने पहुंचे।
सिर्फ पहली डोज के लिए 147 लोग पहुंचे, जबकि 242 लोगों ने दूसरी और तीसरी डोज लगवाई।
7 लोग गंभीर, बुजुर्ग पर भी हुआ हमला
इन घटनाओं में 7 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें एंटी रेबीज सीरम के साथ प्राथमिक उपचार दिया गया।
वहीं, विजयनगर क्षेत्र में 75 वर्षीय बुजुर्ग पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। अगले ही दिन उन्हीं कुत्तों ने दो और लोगों को अपना शिकार बनाया।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा
शहर के कई इलाकों में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिनमें प्रमुख हैं:विजयनगरपटेलनगरगोविंदपुरमसंजयनगरलालकुआंअर्थलाकरहैड़ाइन क्षेत्रों से सबसे अधिक लोग अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगर निगम की टीमें समय पर कार्रवाई नहीं कर रही हैं। लगातार बढ़ती घटनाएं यह संकेत देती हैं कि आवारा जानवरों की रोकथाम के लिए ठोस और तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
समस्या क्यों बढ़ रही है? (विश्लेषण)
विशेषज्ञों के अनुसार, आवारा जानवरों की संख्या बढ़ने के पीछे कई कारण हैं:शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की कमीनसबंदी और टीकाकरण अभियान की धीमी गतिभोजन की आसान उपलब्धता (खुले कूड़े के ढेर)प्रशासनिक निगरानी की कमी
क्या है समाधान?
बड़े स्तर पर नसबंदी और टीकाकरण अभियानगर निगम द्वारा त्वरित पकड़ने की व्यवस्थाकचरा प्रबंधन में सुधारआम नागरिकों में जागरूकता अभियानगाजियाबाद में आवारा जानवरों का बढ़ता आतंक अब जनस्वास्थ्य संकट का रूप लेता जा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और भी विकराल हो सकती है। प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर इस दिशा में जिम्मेदारी निभानी होगी।






