दिल्ली–देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: उद्घाटन फिर टला, इंतजार बढ़ा

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दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, जिसे देश के सबसे आधुनिक और तेज़ हाईवे प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है, एक बार फिर अपने उद्घाटन को लेकर चर्चा में है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इसका उद्घाटन अब अप्रैल 2026 के दूसरे सप्ताह तक टल सकता है। पहले इसे अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू करने की तैयारी थी, लेकिन अधूरे कार्यों के कारण समयसीमा आगे बढ़ा दी गई है।

अधूरी लाइटिंग बनी सबसे बड़ी बाधा

हाईवे के सहारनपुर और देहरादून क्षेत्र, विशेषकर गणेशपुर टोल से आगे के हिस्सों में स्ट्रीट लाइटिंग व्यवस्था अभी पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई है। रात के समय कई हिस्सों में अंधेरा बना रहता है, जो सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चिंता का विषय है। यही वजह है कि उद्घाटन से पहले इन तकनीकी खामियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।

212 किमी का ड्रीम प्रोजेक्ट, आंशिक रूप से चालू

करीब 212 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा, खासकर सहारनपुर से देहरादून के बीच लगभग 54 किमी, पिछले तीन महीनों से वाहनों के लिए खुला है। यहां वाहन तेज़ रफ्तार से चल रहे हैं, जिससे लोगों को भविष्य की यात्रा का अनुभव मिल रहा है। पूरा प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र ढाई घंटे में तय की जा सकेगी।

सौंदर्यीकरण और अंतिम तैयारियां तेज

उद्घाटन को ध्यान में रखते हुए हाईवे के एलीवेटेड कॉरिडोर, अंडरपास, सुरंगों और रेलिंग आदि का तेजी से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। एशिया के सबसे लंबे (करीब 12 किमी) एलिवेटेड सेक्शन को खास तरीके से सजाया जा रहा है, ताकि यह प्रोजेक्ट तकनीकी के साथ-साथ दृश्य रूप से भी आकर्षक लगे।

पीएमओ से हरी झंडी का इंतजार

National Highways Authority of India (NHAI) के अधिकारी अभी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से अंतिम कार्यक्रम की स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं। उद्घाटन के लिए गणेशपुर टोल के पास हेलीपैड बनाने की तैयारी भी की गई थी, लेकिन फिलहाल वहां काम रुका हुआ है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम तय होते ही उद्घाटन की नई तारीख घोषित की जाएगी।

पहले भी कई बार बदल चुकी है तारीख

यह प्रोजेक्ट पहले दिसंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी के चलते इसकी समयसीमा कई बार बदली गई—अक्टूबर 2025, फिर दिसंबर 2025 और अब अप्रैल 2026 तक। इससे साफ है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों से जूझती रही है।

इंतजार लंबा, लेकिन उम्मीदें बड़ी

दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय को कम करेगा, बल्कि उत्तर भारत की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। हालांकि उद्घाटन में देरी यात्रियों की उम्मीदों को थोड़ा झटका देती है, लेकिन पूरी तरह तैयार होने के बाद यह हाईवे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

Shivpratap Singh
Shivpratap Singh

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