ट्रेन में छेड़खानी से खुला धर्मांतरण रैकेट का बड़ा राज
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जबलपुर-लखनऊ चित्रकूट एक्सप्रेस में एक युवती के साथ छेड़खानी की घटना ने उत्तर प्रदेश में कथित अवैध धर्मांतरण नेटवर्क के संभावित तारों की जांच को नया मोड़ दे दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवती के साथ यात्रा कर रहा युवक खुद को “समीर” बताकर सोशल मीडिया के जरिए उससे संपर्क में आया था, लेकिन पुलिस पूछताछ में उसकी पहचान बदलकर “सलामत” के रूप में सामने आई। पुलिस अब मामले को संगठित नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है।
ट्रेन में शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
घटना तब सामने आई जब चित्रकूट एक्सप्रेस में यात्रा कर रही एक युवती ने ट्रेन में छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलने के बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने ट्रेन में ही जांच शुरू की। प्रारंभिक कार्रवाई में छेड़खानी के आरोप में ट्रेन के एक अटेंडेंट पवन गुप्ता को हिरासत में लिया गया, जो रायबरेली का निवासी बताया गया है।हालांकि पूछताछ के दौरान पुलिस को युवती के साथ यात्रा कर रहे युवक पर भी संदेह हुआ, जिसके बाद मामले ने अप्रत्याशित मोड़ ले लिया।
सोशल मीडिया से हुई दोस्ती, बदली पहचान का खुलासा
पूछताछ में युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात इंस्टाग्राम के माध्यम से “समीर” नाम के युवक से हुई थी। युवक ने खुद को सीआरपीएफ का कमांडेंट बताकर भरोसा जीता और दोनों साथ यात्रा कर रहे थे।पुलिस की सख्त पूछताछ के दौरान युवक ने स्वीकार किया कि उसका असली नाम “सलामत” है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उन्हें दूसरे शहर ले जाने और धर्मांतरण कराने की कोशिश करता था।
बलरामपुर ले जाने की थी योजना
जांच में सामने आया कि आरोपी युवती को बलरामपुर ले जाने की योजना बना रहा था। पुलिस को शक है कि वहां उसका धर्मांतरण कराने की तैयारी की जा रही थी। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के संपर्कों और संभावित नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं।सूत्रों के अनुसार आरोपी पहले भी पीलीभीत की एक युवती को इसी तरह झांसे में लेकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर चुका है, जिसके मामले में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी और वह जेल भी जा चुका है।
“छांगुर बाबा नेटवर्क” से संभावित कनेक्शन की जांच
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब आरोपी के कथित संबंध बलरामपुर के चर्चित धर्मांतरण मामले से जोड़कर जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, बलरामपुर निवासी जलालुद्दीन उर्फ “छांगुर बाबा” पर बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण नेटवर्क चलाने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच उत्तर प्रदेश एटीएस कर रही है।जांच में सामने आया था कि इस नेटवर्क के कई सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया और कथित तौर पर विदेशी फंडिंग तथा वित्तीय लेन-देन के कई सुराग भी मिले थे।इसी नेटवर्क के कथित सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों को संकेत मिला था कि यह गतिविधियां कई जिलों और राज्यों तक फैली हो सकती हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
युवती की शिकायत के आधार पर चारबाग जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया है। घटना का क्षेत्र बांदा पड़ने के कारण शून्य एफआईआर को आगे की जांच के लिए जीआरपी बांदा ट्रांसफर किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मोबाइल, सोशल मीडिया संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।अधिकारियों के मुताबिक, यह स्पष्ट करना अभी बाकी है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह का हिस्सा था या अकेले इस तरह की गतिविधियों में शामिल था।






