प्रेमी के इनकार ने तोड़ी ज़िंदगी की डोर: फिरोजाबाद में 19 वर्षीय युवती की मौत
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उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जनपद में प्रेम प्रसंग से जुड़ी एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। प्रेमी द्वारा शादी से इनकार किए जाने से आहत 19 वर्षीय युवती ने कीटनाशक पी लिया। लगभग एक महीने तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
परिवारों को था रिश्ते की जानकारी
जानकारी के अनुसार मटसेना थाना क्षेत्र के हमीरपुर गांव निवासी 19 वर्षीय निशा का पड़ोसी गांव खुरसुली के रहने वाले युवक नितिन से प्रेम संबंध था। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों को इस रिश्ते की जानकारी थी और प्रारंभिक रूप से शादी के लिए भी सहमति बन चुकी थी। निशा के परिजन 22 फरवरी को औपचारिक रूप से रिश्ता तय करने के लिए युवक के घर जाने वाले थे।
फोन पर शादी से मना करने के बाद उठाया कदम
इसी बीच अचानक घटनाक्रम बदल गया। आरोप है कि युवक नितिन ने युवती को फोन कर शादी से साफ इनकार कर दिया। प्रेमी के इस फैसले से आहत निशा ने 15 फरवरी की दोपहर घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
करीब एक महीने तक चला इलाज
डॉक्टरों की निगरानी में युवती का लगभग एक महीने तक इलाज चलता रहा। परिवार को उम्मीद थी कि वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो जाएगी, लेकिन शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
पिता की तहरीर पर प्रेमी के खिलाफ केस
मृतका के पिता राजबहादुर ने मटसेना थाने में आरोपी युवक नितिन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
पुलिस कर रही आरोपी की तलाश
मटसेना थानाध्यक्ष विमलेश त्रिपाठी के अनुसार, युवती के पिता की शिकायत पर युवक के खिलाफ मुकदमा पहले ही दर्ज किया जा चुका था। युवती की मौत के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है और पुलिस टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
समाज के लिए चेतावनी बनती घटनाएं
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रेम संबंधों में उत्पन्न मानसिक तनाव कई बार युवाओं को गलत निर्णय लेने पर मजबूर कर देता है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है, ताकि समय रहते संवाद और समझ के माध्यम से किसी भी त्रासदी को रोका जा सके।






