यूपी कैबिनेट बैठक आज: पंचायत चुनाव की तारीख पर लग सकती है मुहर, भ्रष्टाचार पर भी सख्त तैयारी
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उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए आज का दिन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें करीब 27 प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा। सरकार इस बैठक में प्रशासनिक सुधार, भ्रष्टाचार नियंत्रण और पंचायत चुनाव से जुड़े अहम मुद्दों पर बड़े फैसले ले सकती है। माना जा रहा है कि कई ऐसे प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाएंगे, जिनका सीधा असर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और ग्रामीण प्रशासन पर पड़ेगा।
भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसने की तैयारी
सरकार सरकारी कर्मचारियों में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में अपने छह महीने के मूल वेतन से अधिक राशि शेयर, स्टॉक या अन्य निवेश योजनाओं में लगाता है, तो उसे इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से सरकार को देनी होगी। फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 में ऐसा स्पष्ट प्रावधान नहीं है। प्रस्तावित संशोधन के बाद कर्मचारियों की संपत्ति और निवेश पर निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी, जिससे भ्रष्टाचार की संभावनाओं को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
पंचायत चुनाव को लेकर बढ़ी राजनीतिक हलचल
राज्य की इस कैबिनेट बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा पंचायत चुनाव की संभावित तारीख को लेकर है। पंचायत चुनाव लंबे समय से चर्चा में हैं और प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar पहले ही संकेत दे चुके हैं कि चुनाव समय पर ही कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से मतपत्रों की छपाई पूरी कर ली गई है और उन्हें जिलों के मुख्यालयों तक भेज दिया गया है। जैसे ही अधिसूचना जारी होगी, चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
क्यों हुई चुनाव में देरी?
सरकार के अनुसार पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में कुछ प्रशासनिक कारणों से समय लगा है। बोर्ड परीक्षाएं, जनगणना से जुड़े कार्य और विशेष पुनरीक्षण जैसी प्रक्रियाओं के चलते चुनाव कार्यक्रम में थोड़ा विलंब हुआ। हालांकि अब प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जानकारी के मुताबिक 15 अप्रैल को मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संभव है।
ओबीसी आयोग के गठन पर भी हो सकता है फैसला
कैबिनेट बैठक में पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार ओबीसी आयोग के गठन या उससे संबंधित प्रस्ताव को भी कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। यदि इस पर निर्णय होता है तो प्रदेश में आरक्षण और सामाजिक न्याय से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।
फैसलों पर टिकी प्रदेश की नजर
आज होने वाली यह कैबिनेट बैठक कई मायनों में अहम मानी जा रही है। पंचायत चुनाव की संभावित तारीख, भ्रष्टाचार रोकने के नए नियम और ओबीसी आयोग से जुड़े निर्णय प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं। ऐसे में पूरे प्रदेश की नजर इस बैठक से निकलने वाले फैसलों पर टिकी हुई है।






