तेहरान में तख्तापलट या नई जंग का आगाज़? मोजतबा खामेनेई की ताजपोशी के साथ ही इजरायल पर मिसाइल तांडव!
Share your love

संवाद 24 नई दिल्ली। मध्य पूर्व की तपती धरती पर एक ऐसी हलचल शुरू हुई है जिसने न केवल ईरान की सियासत को बदल दिया है, बल्कि पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आहट सुनने पर मजबूर कर दिया है। ईरान की शक्तिशाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाले फैसले में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे, मोजतबा खामेनेई को देश का नया ‘सुप्रीम लीडर’ घोषित कर दिया है। मोजतबा खामेनेई की ताजपोशी के चंद घंटों के भीतर ही ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए इजरायल पर मिसाइलों की बौछार कर दी। यह हमला न केवल इजरायल के लिए एक चुनौती है, बल्कि नए नेतृत्व द्वारा अपनी आक्रामक नीतियों की पहली झलक भी है।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई लंबे समय से ईरान की सत्ता के गलियारों में एक रहस्यमयी लेकिन बेहद शक्तिशाली शख्सियत रहे हैं। उन्हें अपने पिता के कार्यकाल के दौरान ‘पर्दे के पीछे का असली खिलाड़ी’ माना जाता था। हालांकि उनके पास औपचारिक रूप से कोई सरकारी पद नहीं था, लेकिन ईरान की खतरनाक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और देश के विशाल व्यापारिक साम्राज्य पर उनकी गहरी पकड़ है। मोजतबा को एक कट्टरपंथी विचारधारा वाला नेता माना जाता है, जिनका झुकाव पश्चिम विरोध और सैन्य विस्तार की ओर अधिक है।
युद्ध के बीच सत्ता परिवर्तन: एक खतरनाक मोड़
ईरान में यह सत्ता परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है। हाल ही में हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों में अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान नेतृत्व के संकट से जूझ रहा था। मोजतबा के नाम पर मुहर लगाकर ईरान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी पुरानी नीतियों को छोड़ने के मूड में नहीं है। ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ के बयान के अनुसार, मोजतबा को भारी बहुमत से चुना गया है और सेना ने भी उनके प्रति अपनी वफादारी की कसम खाई है।
ट्रंप की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर वैश्विक राजनीति गरमा गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मोजतबा की नियुक्ति “अस्वीकार्य” है। ट्रंप का मानना है कि ईरान को एक ऐसे नेता की जरूरत है जो शांति और सद्भाव लाए, न कि युद्ध। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यहाँ तक कह दिया कि यदि अमेरिका की मंजूरी नहीं मिली, तो यह नया नेतृत्व लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा। दूसरी ओर, इजरायल ने भी सख्त रुख अपनाया है। इजरायली सैन्य प्रवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के हर उस व्यक्ति को निशाना बनाएंगे जो उनके देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनेगा। तेल के दामों में उछाल और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में गिरावट इस बात का संकेत है कि दुनिया को मोजतबा के इस नए अध्याय से स्थिरता की उम्मीद कम ही है।
क्या होगा आगे?
मोजतबा खामेनेई के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ उन्हें ईरान की आंतरिक अर्थव्यवस्था को संभालना है जो प्रतिबंधों और युद्ध की मार झेल रही है, और दूसरी तरफ अपनी सैन्य क्षमता को बनाए रखते हुए इजरायल और अमेरिका जैसी महाशक्तियों का मुकाबला करना है। ईरान की सड़कों पर एक तरफ जश्न का माहौल है, तो दूसरी तरफ डर की एक अदृश्य लहर भी तैर रही है। क्या मोजतबा अपने पिता की विरासत को आगे ले जा पाएंगे, या फिर उनका यह आक्रामक रुख ईरान को किसी बड़े विनाश की ओर धकेल देगा? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।






