JEE Main 2026: क्या इस बार बढ़ेगी IIIT की कट-ऑफ? जानिए कितनी रैंक पर मिलेगा B.Tech में दाखिला
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संवाद 24 डेस्क। भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 के परिणामों के बाद इस बार ट्रिपल आईटी यानी IIIT (Indian Institutes of Information Technology) में प्रवेश के लिए कट-ऑफ रैंक और परसेंटाइल को लेकर अभ्यर्थियों में गहरा उत्साह और सवाल दोनों हैं। जैसी कि लाइव हिंदुस्तान में प्रकाशित नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है, 2026 में IIIT कट-ऑफ पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ी बढ़ने की संभावना है, क्योंकि परीक्षा में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या और प्रतिस्पर्धा दोनों ही इस बार अधिक देखी गई है।
JEE Main 2026: IIIT में प्रवेश का तरीक़ा
जीईई मेन परिणाम घोषित होने के बाद जोड़ा सिस्टम (JoSAA) के तहत counselling शुरू हो जाती है। JoSAA काउंसलिंग में अभ्यर्थी अपनी श्रेणी, रैंक और पसंद के हिसाब से सीट अलॉटमेंट के लिए आवेदन करते हैं। IIIT में प्रवेश के लिए योग्यता JEE Main 2026 के percentile, rank तथा सीट मैट्रिक्स पर आधारित होती है, जो हर राउंड के बाद बदलती रहती है।
IIIT कट-ऑफ रैंक और परसेंटाइल को कैसे समझें?
शीर्ष IIIT जैसे IIIT Hyderabad, IIIT Delhi, IIIT Bangalore की कट-ऑफ रैंक अत्यधिक प्रतिस्पर्धात्मक होती हैं, खासकर कंप्यूटर साइंस जैसे लोकप्रिय कोर्स के लिए। विशेषज्ञों के अनुसार:
जब उम्मीदवार की JEE Main परसेंटाइल 99+ के करीब होती है तो उसे टॉप IIIT में प्रवेश के अवसर अधिक मिलते हैं।
अपेक्षित कट-ऑफ रैंक श्रेणियाँ IIITs के अनुसार बदलती हैं — कुछ संस्थाओं में दसियों हजारों में से रैंक मिलती है जबकि अन्य शीर्ष संस्थानों में यह हजारों में सीमित रहती है।
2026 में IIIT Cut-off पर प्रमुख निर्धारक
2026 के कट-ऑफ में बदलाव के कई कारण हैं, जिन्हें विशेषज्ञ ध्यान में रखते हैं:
. परीक्षा की कठिनाई स्तर — कठिन पेपर में उच्च स्कोरिंग अभ्यर्थियों की संख्या कम होती है, जिससे कट-ऑफ परसेंटाइल बढ़ जाती है।
. उम्मीदवारों की संख्या — 2026 में अपेक्षित रूप से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी, जिससे प्रतियोगिता और कट-ऑफ दोनों बढ़े हैं।
. सीटों की उपलब्धता — IIIT में सीटें सीमित हैं; जब अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होती है, तो उच्च कट-ऑफ रैंक निर्धारित होता है।
. कौशल वाले कोर्स की लोकप्रियता — CSE, AI और साइबर सुरक्षा जैसे कोर्स में प्रतियोगिता अधिक होती है, इसलिए उनकी कट-ऑफ रैंक भी उच्च होती है।
. अन्य कारक — कोटा नियम, आरक्षण श्रेणियाँ, जाति और होम-स्टेट कोटा भी कट-ऑफ रैंक को प्रभावित करते हैं।
JEE Main के मार्क्स-परसेंटाइल और रैंक: अनुमानित आंकड़े
हालिया डेटा के अनुसार, JEE Main 2026 के मार्क्स, परसेंटाइल और रैंक का तालमेल कुछ इस प्रकार अनुमानित किया गया है (सौंपे गए आँकड़ों पर आधारित):
Raw Marks (300)
Percentile (अनुमान)
All-India Rank (आकांक्षित)
300–291
100 – 99.99989
1–15
290–281
99.99908 – 99.99745
16–36
280–271
99.99417 – 99.99347
37–100
270–261
99.99016 – 99.98881
101–160
260–251
99.97720 – 99.96976
161–428
250–241
99.95028 – 99.94664
429–755
240–231
99.91595 – 99.93498
756–1,189
230–221
99.86623 – 99.90111
1,190–1,893
220–211
99.80777 – 99.85161
1,894–2,720
210–201
99.73129 – 99.79506
2,721–3,803
(और आगे आगे इसी तरह अनुमान जारी)
यह डेटा अभ्यर्थियों को यह समझने में मदद करता है कि उनके प्राप्त अंक अपेक्षित परसेंटाइल और रैंक में कैसे बदलते हैं, और उसी के आधार पर वे JoSAA में अपनी प्रवेश रणनीति तैयार कर सकते हैं।
IIIT Cut-off – संस्थानवार तुलना (अनुमान)
जिस प्रकार इंटीग्रल डेटा से पता चलता है, IIIT संस्थानों में कट-ऑफ रैंक में भारी विविधता देखी जाती है। यह मुख्य रूप से संस्थान की प्रतिष्ठा, सीट संरचना और कोर्स की लोकप्रियता पर आधारित होता है:
. शीर्ष IIIT संस्थानों के लिये अनुमानित रैंक सीमा
संस्थान / कोर्स
अनुमानित कट-ऑफ रैंक श्रेणी
IIIT Hyderabad (CSE)
~घटक 600–866 (General)
IIIT Bangalore (CSE)
~99,600 – 99,800 (Percentile söyl.)
IIIT Delhi (CSE)
~99,400 – 99,700
IIIT Lucknow (AI/CSB)
~99,200+
अन्य IIIT
विविध 15,000 – 40,000+ रैंक के बीच
यह स्पष्ट है कि IIIT Hyderabad, Bangalore और Delhi जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में 99.x+ percentile की आवश्यकता होती है, वहीं नए या अपेक्षाकृत कम प्रतिस्पर्धात्मक IIIT में रैंक सीमा थोड़ी अधिक विस्तृत हो सकती है।
श्रेणी-वार Cut-off का महत्व
JoSAA में कट-ऑफ रैंक की बात करते समय श्रेणी का विशेष महत्व होता है। हर श्रेणी — जैसे General, EWS, OBC-NCL, SC, ST, PwD — के लिये अलग-अलग औसत तथा अपेक्षित कट-ऑफ रैंक होते हैं। उदाहरण के लिये:
General श्रेणी में उच्च प्रतिस्पर्धा के कारण कट-ऑफ रैंक सबसे टॉप पर रहती है।
OBC-NCL और EWS के लिये थोड़े नरम परन्तु प्रतिस्पर्धात्मक रैंक देखे जाते हैं।
SC/ST/PwD श्रेतियाँ अपेक्षाकृत कम रैंक सीमा में प्रवेश के अवसर रखती हैं।
इसके अलावा, IIIT में होम-स्टेट कोटा और ऑल-इंडिया कोटा भी रैंक निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आगे की प्रक्रिया: Counselling और अपना चयन
जब JoSAA काउंसलिंग शुरू होती है, तो अभ्यर्थियों को:
प्राथमिकता के आधार पर कॉलेज और कोर्स चुनने होते हैं
कट-ऑफ रैंक व उपलब्ध सीटों के हिसाब से ऑलॉटमेंट होता है
हर राउंड के बाद रैंक और कट-ऑफ में बदलाव हो सकते हैं
इसलिए यह आवश्यक है कि अभ्यर्थी JoSAA की अधिसूचना, पिछले साल के कट-ऑफ पैटर्न और अपना लक्ष्य रैंक ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बनायें।
JEE Main 2026 की प्रतिस्पर्धा इस बार काफी तीव्र रही है और IIIT में प्रवेश के लिये अपेक्षित कट-ऑफ भी पिछले वर्षों की तुलना में थोड़े ऊपर जाने की संकेत दे रहा है। टॉप IIIT संस्थानों में प्रवेश के लिये 99+ परसेंटाइल तथा उत्तम रैंक प्राप्त करना आवश्यक हो गया है, वहीं निम्न श्रेणी के IIITs में भी प्रवेश के लिये कट-ऑफ रैंक का स्तर अपेक्षाकृत उच्च बना हुआ है।
इस परिस्थिति में अभ्यर्थियों को JoSAA की पूरी प्रक्रिया को समझते हुए अपनी रणनीति तैयार करनी चाहिए, ताकि वे अपने लक्ष्य के अनुरूप सीट प्राप्त कर सकें। वास्तव में कट-ऑफ केवल एक संख्या नहीं है — यह प्रयास, रणनीति और प्रतिस्पर्धा का परिणाम है।






