केडीए का सख्त एक्शन, गंगा बैराज के आसपास 16 बीघा में बनी अवैध प्लाटिंग ध्वस्त
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संवाद 24 संवाददाता। बिना लेआउट के हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को केडीए के जोन-एक बी के प्रवर्तन दस्ते ने गंगा बैराज के आसपास दो स्थानों पर अभियान चलाकर करीब 16 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान तीन बैकहो लोडर मशीनों की मदद से पक्के और कच्चे मिलाकर 50 से अधिक निर्माण तोड़े गए। इनमें सड़क, नाला, बाउंड्रीवॉल, बिजली के खंभे, पिलर समेत अन्य संरचनाएं शामिल थीं।
जोन-एक बी के प्रवर्तन प्रभारी एवं विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि ग्राम ख्यौरा कटरी (गंगा बैराज से मंधना मोड़ की ओर) करीब साढ़े सात बीघा तथा ग्राम ज्यौरा, आजाद नगर (गंगा बैराज से सिंहपुर रोड की ओर) साढ़े आठ बीघा जमीन पर बिना स्वीकृत लेआउट के प्लाटिंग की जा रही थी, जिसे पूरी तरह गिरा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि आगे से गिराई जाने वाली सभी अवैध प्लाटिंग की जानकारी केडीए की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी, ताकि लोग जमीन खरीदने से पहले उसका सत्यापन कर सकें। बिना स्वीकृत लेआउट जमीन खरीदने पर खरीदार स्वयं जिम्मेदार होगा।
हालांकि, केडीए की इस कार्रवाई के बीच अन्य जोनों की निष्क्रियता पर सवाल भी उठ रहे हैं। गल्लामंडी, जाजमऊ, पनकी समेत कई इलाकों में खुलेआम अवैध प्लाटिंग और बिना नक्शे के निर्माण जारी हैं। घनी आबादी में बिना पार्किंग की व्यवस्था के अपार्टमेंट खड़े किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार अवर अभियंताओं की कमी के चलते कई जोनों का संचालन सुपरवाइजरों के भरोसे है, जिन पर सुविधा शुल्क लेकर आंखें मूंदे रहने के आरोप लग रहे हैं। यहां तक कि हटाए गए और सेवानिवृत्त कर्मचारी भी क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे हैं।
इस पर केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।






