कानपुर सेंट्रल नौबस्ता मेट्रो अप-लाइन पर सफल टेस्ट रन, 10 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

संवाद 24 संवाददाता। कानपुर मेट्रो के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए बुधवार को कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक ‘अप-लाइन’ पर मेट्रो का सफल टेस्ट रन किया गया। यह परीक्षण सुबह 11 बजे उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के नेतृत्व में शुरू हुआ, जो करीब चार घंटे तक चला। टेस्ट रन के दौरान मेट्रो अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में ट्रेन नौबस्ता तक पहुंची।

इस रूट पर मेट्रो संचालन शुरू होने से दक्षिण कानपुर और उत्तर कानपुर के बीच आवागमन बेहद सुगम हो जाएगा। अनुमान है कि इससे करीब 10 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें अब जाम और लंबी यात्रा से राहत मिलेगी। तकनीकी और संचालन व्यवस्थाओं की गहन जांच
टेस्ट रन के दौरान प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने मेट्रो के अंदर मौजूद विभिन्न तकनीकी प्रणालियों और संचालन व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उनके साथ निदेशक (वर्क्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर) सीपी सिंह, निदेशक (परिचालन) प्रशांत मिश्रा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सुशील कुमार ने पायलट कोच में बैठकर ट्रेन संचालन, सिग्नलिंग और सुरक्षा प्रणालियों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। मेट्रो के पहले अंडरग्राउंड स्टेशन झकरकटी पहुंचते ही प्रबंध निदेशक और अधिकारियों ने ट्रेन से उतरकर स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जांच की। इसके बाद इस रूट पर पड़ने वाले सभी स्टेशनों पर रुक-रुक कर हर व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया।

लो-स्पीड मैनुअल मोड में चला टेस्ट
यूपीएमआरसी के जनसंपर्क अधिकारी पंचानन मिश्रा ने बताया कि टेस्ट रन के दौरान मेट्रो ट्रेन को मैनुअल मोड में 5 किमी प्रति घंटा की कम गति पर चलाया गया। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक अप-लाइन पर ट्रैक, थर्ड रेल सिस्टम, सिग्नलिंग समेत सभी कार्य पूरे होने के बाद यह परीक्षण किया गया।

इस दौरान ट्रैक की मजबूती, पावर सप्लाई, थर्ड रेल और अन्य तकनीकी इंटरफेस की बारीकी से जांच की गई। टेस्ट रन से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद आगे के परीक्षण चरण पूरे किए जाएंगे।

अगले चरण में हाई-स्पीड टेस्ट
पंचानन मिश्रा ने बताया कि आगामी टेस्टिंग चरणों में ट्रेन को ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) और ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन (एटीओ) मोड में चलाया जाएगा। सिग्नलिंग से जुड़े मैप वेरिफिकेशन टेस्ट किए जाएंगे, जिनके आधार पर सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया जाएगा। इसके बाद हाई-स्पीड टेस्ट रन किए जाएंगे।

डेढ़ से दो महीने में यात्रियों के लिए खुलेगी मेट्रो
प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि सभी तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ टीमों द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। इसके उपरांत मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) से अनुमोदन मिलने पर इस रूट को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया में लगभग डेढ़ से दो महीने का समय लग सकता है।

इन स्टेशनों पर हुआ टेस्ट रन
अंडरग्राउंड स्टेशन
झकरकटी
ट्रांसपोर्ट नगर
एलिवेटेड स्टेशन
बारादेवी
किदवई नगर
बसंत विहार
बौद्ध नगर
नौबस्ता

कानपुर मेट्रो का यह विस्तार शहर के परिवहन तंत्र को नई गति देगा और लाखों नागरिकों के लिए सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प बनेगा।

Pavan Singh
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