दावे-आपत्तियों से ज्यादा नोटिस लेकर पहुंचे मतदाता, बूथ दिवस पर उलझनें हावी, दस्तावेजों की कमी बनी सबसे बड़ी परेशानी
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संवाद 24 संवाददाता। कानपुर देहात में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत शनिवार को सभी बूथों पर बूथ दिवस का आयोजन किया गया, लेकिन अपेक्षित दावे-आपत्तियों से अधिक संख्या उन मतदाताओं की रही, जो नोटिस लेकर अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकांश मतदाता आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध न होने और निर्धारित सुनवाई तिथि निकल जाने की उलझन में नजर आए।
बूथों पर तैनात बीएलओ ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फार्म-6, नाम हटाने या त्रुटि सुधार के लिए फार्म-7 स्वीकार किए, लेकिन बड़ी संख्या में लोग ऐसे थे जो नोटिस मिलने के बाद भी मांगे गए कागजात नहीं जुटा पाए थे। ऐसे मतदाताओं को बीएलओ द्वारा ईआरओ के निर्धारित सुनवाई स्थलों पर भेजा जाता रहा।
दस्तावेज जुटाना बना चुनौती
अकबरपुर-रनियां विधानसभा क्षेत्र के बारा गांव स्थित बूथ संख्या 196 पर कौसर बेगम नाम दर्ज कराने पहुंचीं। उन्होंने बताया कि मायके में किसी का भी नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, जिससे कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो पा रहा। बीएलओ द्वारा वर्ष 1987 से पूर्व माता-पिता से जुड़े अभिलेख और जन्मतिथि के प्रमाण मांगे जा रहे हैं, जबकि आधार कार्ड के अलावा उनके पास कोई दस्तावेज नहीं है।
इसी तरह फहीम और चांदतारा ने बताया कि उनका नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज होने के बावजूद नोटिस जारी कर दिया गया। अब जो दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, वे खोजने पर भी नहीं मिल पा रहे हैं। ब्लॉक और तहसील के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
कस्बों में भी रही भीड़
अकबरपुर कस्बे के अकबरपुर इंटर कॉलेज में बने बूथ संख्या 110, 112, 113, 114, 118 और 120 पर भी मतदाताओं की भारी भीड़ नजर आई। अधिकतर लोग इस सवाल का जवाब ढूंढते दिखे कि नोटिस मिलने के बाद अगर दस्तावेज न मिलें तो आगे क्या किया जाए। हालांकि, इन समस्याओं का समाधान बूथ पर संभव न होने के कारण बीएलओ मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय भेजते रहे।
रूरा कस्बे में नगर पंचायत और आरपीएस इंटर कॉलेज के बूथों पर भी यही हाल रहा। सर्वा गांव निवासी बेबी (गुड्डू की पत्नी) ने बताया कि नोटिस मिलने के बाद से वोट कटने का डर बना हुआ है। मायके के माता-पिता और भाई का विवरण मांगा जा रहा है, लेकिन वहां कोई नहीं है। वहीं भटौली से आई रीना देवी ने बताया कि जन्मतिथि के लिए मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, जो उपलब्ध नहीं है।
एसडीएम ने पढ़कर सुनाई मतदाता सूची
रसूलाबाद में एसआईआर दिवस के मौके पर एसडीएम सर्वेश कुमार सिंह ने बूथों का निरीक्षण किया और बीएलओ व ग्रामीणों की मौजूदगी में मतदाता सूची का पठन किया। उन्होंने बताया कि जिन युवाओं की आयु एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, वे फार्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।
बीएलओ की अनुपस्थिति से बढ़ी परेशानी
शिवली कस्बे के श्री ताराचंद्र इंटर कॉलेज स्थित पोलिंग बूथ पर कुछ बीएलओ की अनुपस्थिति के कारण मतदाताओं को परेशानी उठानी पड़ी। निराला नगर और शंकर नगर की बीएलओ के नदारद रहने से लोग कागजात लेकर इधर-उधर भटकते रहे। शंकर नगर निवासी जरीना बेगम अपने बेटे और नातियों का नाम जुड़वाने पहुंचीं, लेकिन बीएलओ न मिलने से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
हालांकि, कुछ बूथों पर प्रक्रिया सुचारू भी रही। उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित बूथ पर बीएलओ ने दोपहर तक कई लोगों के फार्म भरवाए। आजाद नगर निवासी कृपा शंकर ने अपनी पुत्रवधू का नाम जुड़वाने के लिए फार्म भरा, जबकि गांधी नगर के शैलेंद्र और सुमित प्रजापति ने भी आवश्यक दस्तावेज जमा किए।
अभियान पर उठे सवाल
बूथ दिवस पर सामने आई इन समस्याओं ने यह साफ कर दिया कि मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सबसे बड़ी बाधा दस्तावेजों की जटिलता और जागरूकता की कमी है। दावे-आपत्तियों के बजाय नोटिस से परेशान मतदाताओं की संख्या अधिक रही, जिससे प्रशासनिक स्तर पर और स्पष्ट दिशा-निर्देश की जरूरत महसूस की जा रही है।






